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दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग इन दिनों बिहार के गोपालगंज में फंसा हुआ है। इसे नारायणी नदी (गंडक) को पार करते पूर्वी चंपारण पहुंचाया लेकर जाना है। लेकिन गंडक नदी पर स्थित जर्जर डुमरियाघाट सेतु के चलते यह वहीं पर फंसा हुआ है। आइए जानते हैं इस शिवलिंग की खासियत के बारे में: (Photo: PTI)
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1- बिहार पूर्वी चंपारण के चकिया में विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर का निर्माण किया जा रहा है जिसमें दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग स्थापित होगा। (Photo: Indian Express)
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2- शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में हुआ है। इसे बनाने में करीब 10 साल का समय लगा है। (Photo: @Rakesh Krishnan Simha/X)
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3- यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा है जो ग्रेनाइट पत्थर है। इसका वजन 210 मीट्रिक टन है। महाबलीपुरम में करीब 250 टन वजन के ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर की चट्टान को तराशकर मुख्य शिवलिंग के साथ सहस्नलिंगम भी बनाया गया है। (Photo: @Akanksha Parmar/X)
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4- भारत में आठवीं शताब्दी के बाद सहस्रलिंग का निर्माण नहीं हुआ था। इस शिवलिंग को विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। मंदिर में चार आश्रम होंगे। (Photo: PTI)
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5- विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा कराया जा रहा है। आचार्य किशोर कुणाल ने इसकी परिकल्पना और शुरुआत की थी। यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे और मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी। (Photo: @Indian Infra Report/X)
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6- दुनिया के सबसे विशाल शिवलिंग को बनाने में करीब 3 करोड़ रुपये खर्च आया है। (Photo: @The Bihar Index/X) 8 ऐसे धार्मिक स्थल, जहां सिर्फ 5 हजार रुपये के बजट में जा सकते हैं घूमने