
पिछले दो-तीन महीनों से नॉर्थ ईस्ट मानसून की मार से बुरी तरह से प्रभावित है और नदियों में पानी बढ़ गया है। इसके कारण कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। असम में ब्रह्मपुत्र नदी के स्तर से ऊपर बहने के कारण बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। बाढ़ से कई लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हैं। यही नहीं इस त्रासदी में अब तक 50 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। लगातार बारिश के बाद आई बाढ़ से अभी तक लगभग 17 लोग प्रभावित हुए हैं। (PTI Photo) इसके अलावा बाढ़ के बाद भूस्खलन से रेल कनेक्टिविटी में बाधा पहुंची है। (PTI Photo) डीमा हसाओ जिले के पहाड़ी क्षेत्र में आए भूस्खलन से बराक घाटी का रेल संपर्क टूट गया है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) को भूस्खलन की वजह से कई रेल यात्राएं भी रद्द करनी पड़ी हैं। (PTI Photo) ब्रह्मपुत्र नदी में पानी का स्तर बढ़ा है और यह निमातिघाट में खतरे के स्तर से ऊपर बह रहा है, जिससे अधिकारियों ने जोरहाट से मजुली तक की नौका सेवाओं पर रोक लगा दी है। (PTI Photo) ब्रह्मपुत्र नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण कुछ अन्य हिस्सों में भी नौका सेवाओं को रद्द कर दिया है।(PTI Photo) मोरीगांव इलाके में अपने कंधे पर साइकिल लेकर जाता हुआ एक बाढ़ पीड़ित। (PTI Photo) करीमगंज जिले में बाढ़ का कहर। बाढ़ पीड़ित यहां इस तरह यात्रा करने को हैं मजबूर। (PTI Photo) कमरूप जिले में यात्रा के लिए जद्दोजहद करता एक परिवार। राज्य के 26 जिलों में लगभग 2,450 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। (PTI Photo) काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ से बचने की कोशिश करते जानवर। (PTI Photo) -
काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ का कहर। (PTI Photo)
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बाढ़ प्रभावित पर्वी गुवाहाटी का एक क्षेत्र। (AP Photo/Anupam Nath)