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प्रसारित पादोत्तानासन एक प्रभावी योगासन है, जिसे Wide-Legged Forward Fold भी कहा जाता है। यह आसन पीठ, कोर, कूल्हों और पैरों को मजबूत बनाने के साथ-साथ रक्त संचार और पाचन को बेहतर करने में सहायक माना जाता है। यह एक आंशिक उल्टा आसन (Partial Inversion) है, जो शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करता है और मानसिक शांति भी देता है। (Photo Source: Pexels)
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क्या है प्रसारित पादोत्तानासन
इस आसन में पैरों को चौड़ा फैलाकर, कूल्हों से आगे की ओर झुकते हुए शरीर को नीचे की ओर लाया जाता है। इसमें गहराई पर ज़ोर नहीं दिया जाता, बल्कि जितना शरीर सहज रूप से अनुमति दे, उतना ही झुकाव किया जाता है। यही वजह है कि यह शुरुआती और अनुभवी, दोनों तरह के योग अभ्यासियों के लिए उपयुक्त है। (Photo Source: Pexels) -
किन मांसपेशियों पर पड़ता है प्रभाव
प्रसारित पादोत्तानासन मुख्य रूप से इन मांसपेशियों को सक्रिय करता है: ग्लूट्स (Glutes), एडक्टर्स (Adductors), हैमस्ट्रिंग्स (Hamstrings), गैस्ट्रोक्नीमियस और सोलियस (Calf Muscles)। साथ ही यह रीढ़ की हड्डी को भी लंबा करता है और कूल्हों को खोलने में मदद करता है। (Photo Source: Pexels) -
इस आसन के प्रमुख फायदे
पैरों, कूल्हों और पीठ में ताकत और लचीलापन बढ़ाता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है, पेट पर हल्का दबाव बनने से पाचन क्रिया को सहारा मिल सकता है, तनाव कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है, रीढ़ की हड्डी को लंबा और मजबूत बनाता है। (Photo Source: Pexels)
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प्रसारित पादोत्तानासन करने की विधि
अपने दोनों पैरों को इतना फैलाएं कि हाथ फैलाने पर कलाई के बराबर दूरी बने। पैरों की उंगलियां सामने की ओर सीधी और समानांतर रखें। पैरों को जमीन में दबाकर जांघों और पैरों को सक्रिय करें। (Photo Source: Pexels) -
हाथ कमर पर रखें और श्वास लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं, हल्का सा पीछे की ओर झुकें। श्वास छोड़ते हुए कूल्हों से आगे की ओर झुकें। जरूरत हो तो घुटनों को थोड़ा मोड़ सकते हैं। रीढ़ को लंबा बनाए रखें और हाथों को कंधों के नीचे जमीन पर टिकाएं। (Photo Source: Pexels)
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पूंछ की हड्डी को पीछे-ऊपर और सिर के शीर्ष को आगे-नीचे की ओर बढ़ाएं। 5–10 गहरी सांसों तक इसी स्थिति में रहें। पैरों और कोर को सक्रिय रखते हुए श्वास लेते हुए धीरे-धीरे ऊपर आएं। (Photo Source: Pexels)
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सावधानियां
अभ्यास के दौरान शरीर की सीमाओं का सम्मान करें, जबरदस्ती गहराई में न जाएं। घुटनों में खिंचाव लगे तो हल्का मोड़ बनाए रखें। अगर आपको पीठ, गर्दन, हाई ब्लड प्रेशर या संतुलन से जुड़ी समस्या है, तो यह आसन करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें। (Photo Source: Pixabay)
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