हिंदी सिनेमा का इतिहास सिर्फ नई कहानियों तक सीमित नहीं है। इसमें कई ऐसी कहानियां भी शामिल हैं, जिन्हें समय के साथ दोबारा फिल्माया गया और हर बार दर्शकों ने उन्हें पसंद किया। आमतौर पर माना जाता है कि रीमेक बनाना आसान नहीं होता, क्योंकि लोग तुरंत तुलना करने लगते हैं। लेकिन बॉलीवुड में कुछ फिल्में ऐसी भी हैं, जिनका ओरिजिनल वर्जन हिट रहा और जब उनका रीमेक बना, तो वह भी सफल साबित हुआ। ‘अग्निपथ’ से लेकर ‘उमराव जान’ तक, ये फिल्में बताती हैं कि अच्छी कहानी, मजबूत किरदार और सही निर्देशन के साथ सिनेमा हर दौर में जिंदा रहता है।
अग्निपथ
1975 में आई अमिताभ बच्चन की अग्निपथ अपने समय से अलग और गंभीर फिल्म थी। अमिताभ का भारी आवाज और गुस्से से भरा किरदार उस दौर के दर्शकों के लिए नया था। रिलीज के समय फिल्म को ज्यादा सफलता नहीं मिली, लेकिन बाद में यह कल्ट क्लासिक बन गई। 2012 में ऋतिक रोशन के साथ बनी अग्निपथ में उसी कहानी को और ज्यादा भावनात्मक और हिंसक अंदाज में दिखाया गया। संजय दत्त का कांचा चीना किरदार दर्शकों के बीच खूब चर्चित हुआ। इस तरह अग्निपथ उन फिल्मों में शामिल हो गई, जिनके दोनों वर्जन यादगार माने जाते हैं।
2012 में आई ‘अग्निपथ’ की रीमेक एक बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। ये फिल्म 58 करोड़ के बजट बनी थी और इसने दुनियाभर में 193-195 करोड़ की कमाई की थी। 1990 में आई मूल फिल्म (अग्निपथ, अमिताभ बच्चन द्वारा निर्देशित) को औसत सफलता मिली और वह एक कल्ट क्लासिक बन गई, जिसने दुनिया भर में लगभग 10 करोड़ की कमाई की। ये उस साल की चौथी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म थी।
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उमराव जान
1981 में रेखा की उमराव जान सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक एहसास थी। इसकी शायरी, गज़लें और लखनवी तहज़ीब ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रेखा के अभिनय ने इस फिल्म को अमर बना दिया। 2006 में ऐश्वर्या राय के साथ बनी उमराव जान का रीमेक अलग अंदाज में पेश किया गया। भले ही यह ओरिजिनल जितनी गहराई न छू सका, लेकिन इसकी भव्यता, सेट और संगीत को सराहा गया। इससे साफ होता है कि अच्छी कहानियां हर पीढ़ी को पसंद आती हैं।
1981 में रिलीज हुई रेखा अभिनीत क्लासिक फिल्म ‘उमराव जान’ अपने समय में औसत सफलता रही, लेकिन बाद में यह एक कल्ट क्लासिक बन गई। इस फिल्म का बजट करीब 50 लाख रुपये था। वहीं, 2006 में ऐश्वर्या राय के साथ बनी ‘उमराव जान’ का रीमेक बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रहा। बड़े बजट में बनी इस फिल्म ने कुल मिलाकर लगभग 19.52 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इसके खर्च के मुकाबले काफी कम थी।
देवदास
देवदास हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा दोबारा बनाई गई कहानियों में से एक है। 1955 में दिलीप कुमार की देवदास ने दर्द और अकेलेपन को बहुत सादगी से दिखाया। 2002 में संजय लीला भंसाली ने शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित के साथ इसी कहानी को भव्य रूप में पेश किया। दोनों ही वर्जन अपने-अपने समय में सफल रहे और आज भी याद किए जाते हैं।
संजय लीला भंसाली की ‘देवदास’ (2002), जिसमें शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं, एक बड़ी सफल फिल्म साबित हुई। फिल्म ने दुनियाभर में करीब 1.68 अरब रुपये (लगभग 35 मिलियन डॉलर) की कमाई की थी। यह साल 2002 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म रही।
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डॉन
1978 में अमिताभ बच्चन की डॉन ने एंटी-हीरो को नई पहचान दी। इसके डायलॉग और ट्विस्ट आज भी लोगों को याद हैं।
2006 में शाहरुख खान की डॉन को नए जमाने के हिसाब से बनाया गया। तेज रफ्तार, स्टाइल और एक्शन के कारण यह फिल्म भी दर्शकों को पसंद आई।
‘डॉन’ नाम आज भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की ताकत रखता है।1978 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन की ‘डॉन’ ने करीब 3.5 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वहीं, 2006 में शाहरुख खान अभिनीत ‘डॉन’ के रीमेक ने दुनियाभर में 1.06 अरब रुपये (लगभग 106 करोड़ रुपये) से ज्यादा का कारोबार किया।
इसके बाद 2011 में आई ‘डॉन 2’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 202.81 करोड़ रुपये की वर्ल्डवाइड कमाई की। इसके अलावा, 2022 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘डॉन’ ने भी 100 करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस कर यह साबित किया कि ‘डॉन’ नाम आज भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की ताकत रखता है।
हमराज
1967 की हमराज एक शानदार सस्पेंस फिल्म थी। इसी कहानी को 2002 में नए कलाकारों के साथ दोबारा बनाया गया और नई पीढ़ी ने भी इसे पसंद किया। इससे साबित होता है कि अच्छा सस्पेंस कभी पुराना नहीं होता।
2002 में रिलीज हुई ‘हमराज’ अब्बास–मस्तान द्वारा निर्देशित एक सस्पेंस थ्रिलर थी, जिसमें बॉबी देओल, अक्षय खन्ना और अमीषा पटेल ने अहम भूमिकाएं निभाईं। करीब 15 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भारत में 16.59 करोड़ रुपये नेट और 23.04 करोड़ रुपये ग्रॉस की कमाई की थी। जबकि विदेशों में इसने 2.53 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कुल मिलाकर फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई 25.57 करोड़ से 29.71 करोड़ रुपये के बीच रही और बॉक्स ऑफिस पर इसे हिट का दर्जा मिला। वहीं, 1967 में आई ‘हमराज’ बी.आर. चोपड़ा के निर्देशन में बनी एक सस्पेंस थ्रिलर का बजट करीब 1 करोड़ रुपये था और इसने भारत में लगभग 2.25 करोड़ रुपये नेट की कमाई की।
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आंखें
1968 में आई आंखें और 1993 में गोविंदा की आंखें—दोनों ही अपने समय की हिट फिल्में रहीं। भले ही उनकी कहानियां अलग थीं, लेकिन मनोरंजन के मामले में दोनों ने दर्शकों को खूब हंसाया और खुश किया।
‘आंखें’ नाम से बनी फिल्मों ने अलग-अलग दौर में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। 1993 में आई गोविंदा अभिनीत ‘आंखें’ अपने समय की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर रही। करीब 2.5 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 17.48 करोड़ रुपये नेट और 25 से 29 करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड की कमाई की। यह 1993 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी और करीब 12 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चली।
वहीं, 2002 में रिलीज हुई थ्रिलर ‘आंखें’, जिसमें अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और अर्जुन रामपाल नजर आए, भी हिट साबित हुई। लगभग 17 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 33.8 करोड़ रुपये नेट और 62.95 करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड का कारोबार किया। इसके अलावा, 1968 में धर्मेंद्र की ‘आंखें’ भी दर्शकों को पसंद आई थी और इसने करीब 6.5 करोड़ रुपये की कमाई की। ये फिल्में ओटीटी पर उपलब्ध हैं। अगर आप भी कल्ट फिल्मों के हैं शौकीन तो यहां पर क्लिक करें…
