दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की पुत्री सौम्या जैन द्वारा दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक प्रोजेक्ट चलाए जाने मामले पर प्रदेश भाजपा ने कहा है कि केजरीवाल सरकार में भाई-भतीजावाद अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रदेश भाजपा ने सौम्या जैन की नियुक्ति रद्द करने की मांग करते हुए केजरीवाल सरकार से पूछा है कि क्या अन्य समकक्ष पात्रों को भी मौका दिया गया है, और क्या मंत्री पुत्री को स्वास्थ्य विभाग से कोई पैसा मिलता है या नहीं।
सौम्या जैन को स्वास्थ्य सचिव सह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक का सलाहकार भी नियुक्त किया गया है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इसे स्वयंसेवा के तौर पर दिया जा रहा योगदान बताया है। उन्होंने कहा है कि सौम्या को आइआइएम इंदौर में दाखिला मिल रहा था। लेकिन उसने सब कुछ छोड़कर दिल्ली की जनता की सेवा करने का फैसला किया, वह अपने काम के बदले में सरकार की तरफ से कोई पैसा, घर या गाड़ी की सुविधा नहीं ले रही हैं।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वे पैसा लें या नहीं, मामला सरकार में भूमिका का है, कामकाज में हस्तक्षेप का है, परिवारवाद को बढ़ावा देने का है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है, ‘केजरीवाल सरकार के शासन में नियुक्तियों में जो भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक भ्रष्टाचार चल रहा है वह अब अपने चरम पर पहुंच रहा है। सत्येंद्र जैन द्वारा अपनी ही पुत्री को अपने ही विभाग में आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक के लिए सलाहकार नियुक्त किया जाना सीधा-सीधा हितों का टकराव का मामला है और इस नियुक्ति को अविलंब रद्द किया जाना चाहिए’। आलोचकों के मुताबिक, 26 साल की सौम्या को सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दों में कोई अनुभव नहीं है और वे एक प्रशिक्षित आर्किटेक्ट हैं और अब दिल्ली के सबसे अहम प्रोजेक्ट में से एक मोहल्ला क्लीनिक प्रोजेक्ट की अगुआई कर रही हैं।
बेटी और सरकार
सत्येंद्र जैन द्वारा अपनी ही पुत्री को अपने ही विभाग में आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक के लिए सलाहकार नियुक्त किया जाना सीधा-सीधा हितों के टकराव का मामला है और इस नियुक्ति को अविलंब रद्द किया जाना चाहिए।
-सतीश उपाध्याय
वे पैसा लें या नहीं, मामला सरकार में भूमिका का है, कामकाज में हस्तक्षेप का है, परिवारवाद को बढ़ावा देने का है।
-विजेंद्र गुप्ता
