कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में हार के बाद अपने पद से इस्तीफे की जिद्द पर अड़े हुए हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद राहुल ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में अपने इस्तीफे की पेशकश की। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह पार्टी के सर्वोच्च पद से इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं और जल्द से जल्द उनका विकल्प तलाश लिया जाए। हालांकि बीते कुछ दिनों से पार्टी के कई सीनियर नेता उन्हें मनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इस बीच दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित भी राहुल को मनाने के लिए जुट गई हैं।
उन्होंने कहा है कि वह ‘हम राहुल गांधी के आवास के नजदीक एकत्रित होकर उनके इस्तीफे के खिलाफ अपनी भावनाओं को व्यक्त करेंगी। अगर वह इस्तीफा देते हैं तो यह पार्टी के लिए बड़ा नुकसानदेह साबित होगा। हम वहां एकत्रित होकर उनसे ऐसा न करने की अपील करेंगे।’
बता दें कि इससे पहले दिल्ली कांग्रेस कमेटी की तरफ से एक बयान जारी कर राहुल से इस्तीफे के फैसले को वापस लेने के लिए कहा गया था। वहीं बुधवार (29 मई 2019) को कर्नाटक कांग्रेस ने पार्टी दफ्तर के बाहर एकत्रित होकर राहुल से इस्तीफे के फैसले को बदलने की गुहार लगाई।
पार्टी के कई सीनियर नेताओं ने मनाने की कोशिश की
राहुल के इस्तीफे के एलान के बाद उनके आवास पर काफी हलचल रही। पार्टी के दिग्गज नेता उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी राहुल से मिलने उनके आवास पहुंची थीं। उनके अलावा सचिन पायलट, अशोक गहलोत, ज्योतिरादित्य सिंधिया रणदीपर सुरजेवाला भी उनसे मिलने पहुंचे। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने राहुल के इस्तीफाे के फैसले पर कहा है कि अगर वह ऐसा करेंगे तो दक्षिण भारत में उनके समर्थक आत्महत्या तक कर लेंगे।
मां-बहन का नाम न सुझाएं
राहुल ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वह उनके उत्तराधिकारी का नाम सुझाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी का नाम पार्टी के सर्वोच्च पद के लिए न सुझाया जाए। बता दें कि 23 मई को आए चुनाव परिणाम में कांग्रेस को महज 52 सीटों पर जबकि बीजेपी को 303 सीटों पर जीत हासिल हुई है। राहुल गांधी इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं और शीर्ष नेताओं पर लगातार हमलावर हैं। राहुल पार्टी के सीनियर नेताओं पर हार का ठीकरा भी फोड़ चुके है।
