पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को सीआरपीएफ का ‘जेड प्लस’ वीआइपी सुरक्षा कवर दिया गया है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सरकार ने हाल में सिंह को दी जा रही विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की सुरक्षा वापस ले ले थी।अधिकारियों ने बताया कि सिंह और उनकी पत्नी की सुरक्षा में लगभग 45 सशस्त्र कमांडो तैनात रहेंगे, जो यहां तीन, मोतीलाल नेहरू रोड पर स्थित उनके आवास और देशभर में उनकी यात्रा के दौरान 24 घंटे निगरानी रखेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री को अग्रिम सुरक्षा संपर्क (एएसएल) प्रोटोकॉल भी मिलेगा, जिसमें सुरक्षाकर्मी उस स्थल का पहले ही मुआयना करने पहुंच जाएंगे, जहां ये दोनों वीवीआइपी यात्रा करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), एसपीजी, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजंसियों से विचार-विमर्श करने के बाद जल्द ही कार्यभार संभालेगी।
वर्ष 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे सिंह से एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का फैसला विभिन्न सुरक्षा एजंसियों द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि एसपीजी द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा वापस लेने का निर्णय कैबिनेट सचिवालय और गृह मंत्रालय की विभिन्न खुफिया एजंसियों से मिली सूचनाओं के आधार सहित तीन महीने तक समीक्षा किए जाने के बाद लिया गया।
सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बाद अब यह सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी और पुत्री प्रियंका गांधी को ही प्राप्त है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में एसपीजी का गठन किया गया था। प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए संसद ने 1988 में एसपीजी विधेयक पारित किया और फिर उसके बाद यह कानून बना।

