कांग्रेस नेता राहुल गांधी आए दिन मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को घेरते रहते हैं। गुरुवार को उन्होने एक ट्वीट कर संघ को परिवार मानने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यहां महिलाओं और बुजुर्गों का सम्मना नहीं होता। इसलिए में अब इसे संघ परिवार नहीं कहूँगा।”
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा “मेरा मानना है कि RSS व सम्बंधित संगठन को संघ परिवार कहना सही नहीं- परिवार में महिलाएँ होती हैं, बुजुर्गों के लिए सम्मान होता, करुणा और स्नेह की भावना होती है- जो RSS में नहीं है। अब RSS को संघ परिवार नहीं कहूँगा!” कांग्रेस नेता के इस ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों ने राहुल कि बात का समर्थन किया तो कुछ यूजर्स ने उन्हें ट्रोल भी करने की कोशिश की।
एक यूजर ने लिखा “महात्मा फुले के सत्यशोधक समाज के जवाब में ब्राह्मणों ने 1925 में RSS बनाया। पिछले 96 में से 92 साल तक इसका चीफ़ हमेशा ब्राह्मण रहा है। आज भी दो राज्यों को छोड़कर हर जगह उसका प्रांत अध्यक्ष ब्राह्मण है। लेकिन कांग्रेस RSS को ब्राह्मणों का संगठन नहीं बोल पा रही है।”
अभिषेक नाम के एक यूजर ने लिखा “तुम लोगों का जो इतिहास है तुम लोगों ने तो देश को बेच कर मुसलमानों को देने का फैसला किया क्योंकि तुम लोग खुद ही एक मुसलमान हो, शिक्षा मंत्री मुसलमान रहे 5 साल तक फिर उसके आगे भी मुसलमानी राज कीय यह बहुत बड़ी विडंबना है।”
एक अन्य यूजर ने लिखा “मेरा मानना है की Congress को राजनीतिक दल कहना सही नहीं- राजनीतिक दल में नेता होते है जोकर नहीं, योग्य लोगों का सम्मान होता है, लड़ने और जितने की भावना होती है- जो Congress में नहीं| अब Congress को राजनीतिक दल नहीं कहूंगा!”
बता देन्न राहुल गांधी बीजेपी सरकार और पीएम मोदी पर अक्सर हमलावर रहते हैं। एक दिन पहले राहुल गांधी ने पुलिस को विशेष शक्ति देने के प्रावधान वाले एक विधेयक को लेकर बिहार विधानसभा में हुए हंगामे पर बुधवार को कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘आरएसएस-भाजपा मय’ हो गए हैं।
राहुल ने ट्वीट में लिखा था, “बिहार विधानसभा की शर्मनाक घटना से साफ है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह आरएसएस-भाजपा मय हो चुके हैं. लोकतंत्र का चीरहरण करने वालों को सरकार कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। विपक्ष फिर भी जनहित में आवाज उठाता रहेगा- हम नहीं डरते!”
