बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव आपस में रिश्तेदार हैं। मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप सिंह की शादी लालू यादव की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी से हुई है। आज भले ही यह दोनों परिवार राजनीतिक साझेदार होने के साथ रिश्तेदार भी हों लेकिन ये दोनों नेता एक दूसरे के बड़े सियासी विरोधी हुआ करते हैं। इन्हीं संबंधों पर जब लालू यादव से एक कार्यक्रम में सवाल पूछा गया तो वे एंकर को कहने लगे फालतू की बात मत कीजिए।
साल 2015 में इंडिया टीवी आयोजित एक कार्यक्रम में जब एंकर अजीत अंजुम ने मुलायम सिंह यादव का नाम लेते हुए लालू यादव से पूछा कि आपके परिवार के लोग भी आपकी बातों से सहमत नहीं हो पा रहे हैं। तो इसके जवाब में लालू यादव ने अपने अंदाज में कहा कि आप बातों को गुड्डी की तरह मत लपेटिए। आप बहस करिए कि नरेंद्र मोदी ने क्या डिलीवर किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जब मुलायम सिंह की बात आएगी तो देखा जाएगा।
आगे उन्होंने इंडिया टीवी को लेकर ही बात करना शुरू कर दिया। लालू यादव ने कहा कि आपके टीवी को इंडिया टीवी लालू यादव ने बनाया। आपको मालूम है कि जी टीवी से लेकर इंडिया टीवी का शुभारंभ मेरे हाथों से हुआ है। हम आपको दुश्मन नहीं समझते हैं। अलग अलग आदमी की अपनी अपनी ख्वाहिश होती है। हालांकि इसके बाद भी एंकर अजीत अंजुम ने लालू यादव से उनके समधी मुलायम सिंह यादव को लेकर सवाल पूछा।
अजीत अंजुम ने लालू यादव से सवाल पूछते हुए कहा कि आपके दुश्मनों को लेकर आपके समधी आपका ही वोट काटने में लगे हैं। इसपर जवाब देते हुए लालू यादव ने कहा कि आप मीडिया के लोग भ्रम में मत रहिए। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा था कि वे हमारे जूनियर हैं और हमसे बाद में राजनीति में आए हैं।
बता दें कि 1990 के दशक में मंडल आयोग के कारण मुलायम यादव और लालू यादव की राहें जुदा हो गई थीं। 1997 में संयुक्त मोर्चे की सरकार के दौरान लालू यादव ने मुलायम यादव को प्रधानमंत्री बनाने के मुद्दे पर उनके नाम का विरोध किया था।

