बीएमसी चुनाव के नतीजे इस बार काफी अप्रत्याशित रहे। महायुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया, लेकिन दूसरी ओर शरद पवार की पार्टी और अजित पवार की एनसीपी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा।

अब यह चर्चा तेज है कि हारी हुई बाजी पलटने के लिए अजित पवार गुट के कुछ नेता और शरद पवार गुट के कुछ नेता समाजवादी पार्टी से हाथ मिला सकते हैं। एबीपी माझा की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में अजित गुट को तीन सीटें मिलीं, समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि शरद पवार गुट की पार्टी को एक सीट मिली है।

ऐसी स्थिति में एक गठबंधन या फ्रंट तैयार किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो इस समूह को स्टैंडिंग कमेटी की एक सीट, रिफॉर्म कमेटी में एक सीट और एजुकेशन कमेटी में भी एक सीट मिल सकती है। इसके अलावा कुछ अन्य छोटी कमेटियों में भी इस समूह को जगह दिए जाने की संभावना है।

जानकारों का मानना है कि अगर यह समीकरण बनता है, तो मुंबई में शरद पवार और अजित पवार एक मंच पर भी नजर आ सकते हैं। यह राजनीतिक रूप से एक बड़ी घटना मानी जा रही है। हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि महानगरपालिका चुनावों में चाचा–भतीजे की जोड़ी को हर जगह एक जैसी सफलता नहीं मिली। पुणे जिले की पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका में दोनों गुट मिलकर भी कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर सके।

अगर पिंपरी-चिंचवड़ के नतीजों की बात करें, तो यहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। बीजेपी ने 84 सीटों पर जीत दर्ज की, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को छह सीटें मिलीं जबकि शरद गुट को 12 सीटों से संतोष करना पड़ा। अजित की एनसीपी ने 37 सीटों पर जीत हासिल की। ऐसे में माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में आए अप्रत्याशित नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में कुछ नए और चौंकाने वाले गठबंधन बनते हुए दिख सकते हैं।

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