UGC Bill Protest LIVE Updates: देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों को लेकर विरोध तेज हो गया है। इन नियमों का मकसद उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना बताया गया है, लेकिन इसके विरोध में कई जगह छात्र और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों में सामान्य वर्ग के छात्र संगठनों और कुछ सामाजिक समूहों का कहना है कि नए प्रावधानों में केवल अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए शिकायत की व्यवस्था स्पष्ट है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए समान और भरोसेमंद व्यवस्था नहीं दिखती। इसी आशंका के चलते लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि कहीं इससे एक वर्ग के साथ अन्याय की नई स्थिति तो नहीं बन जाएगी। कई विश्वविद्यालय परिसरों के बाहर प्रदर्शन हुए हैं और कुछ जगह प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी है।
राजस्थान में कुछ जातीय संगठनों ने इसे लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है, जबकि दिल्ली में छात्रों ने आयोग के दफ्तर के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया। इस बीच मामला न्यायालय तक भी पहुंच गया है, जहां याचिका दाखिल कर कहा गया है कि नियमों में संतुलन और समानता का अभाव है। केंद्र सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि नियमों का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और सभी वर्गों के हित सुरक्षित रहेंगे, लेकिन जमीनी स्तर पर असंतोष बना हुआ है। फिलहाल स्थिति यह है कि एक ओर सरकार नियमों को सामाजिक न्याय की दिशा में जरूरी कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रों और युवाओं का एक वर्ग इसे रोजगार और अवसरों के लिहाज से अपने भविष्य से जुड़ा सवाल मान रहा है। इसी टकराव के कारण विरोध अभी थमता नहीं दिख रहा है।
भेदभाव रोकने का कानून जरूरी है: एमसी सुधाकर
UGC के नियमों पर कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर बोले, भेदभाव रोकने का कानून जरूरी है, सरकार ने बिल बनाया, चिंताएं आईं, समाधान होगा, लेकिन SC-ST और पिछड़ों के हित सुरक्षित रहेंगे।
UGC के नियम साफ तौर पर भेदभाव है: एडवोकेट विनीत जिंदल
एडवोकेट विनीत जिंदल कहते हैं, "हमें UGC द्वारा जारी किए गए नए नियमों पर आपत्ति है। सबसे पहले, मेंटेनेबिलिटी का मुद्दा है... सेक्शन 3C जातिगत भेदभाव दिखाता है। नियम 3B और 3E में पहले ही सभी स्टेकहोल्डर्स और स्टूडेंट्स को शामिल किया गया था। एक अलग सेक्शन लाना जो खास तौर पर SC, ST और OBC कैटेगरी का ज़िक्र करता है और जनरल कैटेगरी को बाहर रखता है, यह साफ तौर पर भेदभाव दिखाता है...।"
नए इक्विटी नियमों के खिलाफ विरोध जारी
देशभर में यूजीसी 2026 के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ विरोध जारी है। कई राज्यों में छात्रों, सामाजिक समूहों और संगठनों ने प्रदर्शन किए और इसका विरोध जारी रखा है।
विरोधी बोले- सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए नियम अस्पष्ट
राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विरोध तेज है; विरोधियों का कहना है कि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए नियम अस्पष्ट हैं और सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाएँ दाखिल हो रही हैं।

