प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बचपन से ही हर स्पर्धा में हिस्सा लेने की कोशिश करते थे। उन्हें संस्कृत और गुजराती भाषा से बहुत लगाव था। वे हमेशा इनसे जुड़े सवाल ही पूछा करते थे। पीएम मोदी से जुड़ी ये सब बातें उन्हें बचपन में शिक्षा का ज्ञान देने वाले कुछ शिक्षकों ने बताई है।

‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी को प्राथमिक शिक्षा का ज्ञान देने वाली शिक्षिका हीराबेन मूलचंद ने वडनगर के स्कूल में उन्हें कक्षा एक से चार तक पढ़ाया। वे बताती हैं कि वड़नगर में उनका घर मोदी के घर के ठीक सामने था। आज मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन इसके बाद भी उनके परिवार के साथ उनके रिश्ते वैसे ही हैं। हीराबेन मोदी बताती हैं कि मोदी रोजाना शाम को महादेव की आरती कर अपने माता-पिता को प्रणाम करते थे।

वहीं बीएन हाईस्कूल में नौवीं से 11वीं तक उन्हें हाईस्कूल की शिक्षा देने वाले प्रहलाद भाई पटेल बताते हैं कि मोदी हमेशा संस्कृत और गुजराती पढ़ने के लिए लालायित रहते थे। बाकी छात्रों की तुलना में वे हमेशा संस्कृत और गुजराती भाषा से जुड़े सवाल करते थे।

वे बताते हैं कि नरेंद्र मोदी की एक खास बात यह थी कि वे हर स्पर्धा में हिस्सा लेने की कोशिश करते थे। रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल में आयोजित एक नाटक को याद करते हुए प्रहलाद भाई ने बताया कि मुझे आज भी याद है कि एक नाटक में जोगीदास खुमान की भूमिका निभाने के लिए नरेंद्र भाई जिद पर अड़ गए और आखिरकार उन्होंने जोगीदास खुमान का रोल किया। इस नाटक में मोदी ने हाथों में तलवार लेकर जोरदार भूमिका की थी, जिसकी जमकर तारीफ हुई थी।

वहीं गृह मंत्री अमित शाह के बचपन के दोस्त सुधीर दारजी स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि शाह बचपन से ही शांत स्वभाव के थे। वे किसी से विवाद भी नहीं करते थे। दारजी बताते हैं कि वे तब भी मिलनसार थे और आज भी हैं। हजार लोगों की भीड़ में भी वे मुझे आसानी से पहचान लेते हैं। आज भी मेरा उनके बचपन के दोस्त की तरह का रिश्ता है।