दिवंगत फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी समेत चार भारतीयों को फीचर फोटोग्राफी श्रेणी में प्रतिष्ठित पुलित्जर सम्मान-2022 से सम्मानित किया गया है। रॉयटर्स के फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी, अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू और अमित दवे को भारत में कोरोना काल की विभीषिका को तस्वीरों के जरिए सामने लाने के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पिछले साल, अफगान बलों और तालिबानियों के बीच संघर्ष को कवर करने के दौरान दानिश की मौत हो गई थी।

दानिश सिद्दीकी को अपना पुरस्कार समर्पित करते हुए दिल्ली के रहने वाले आबिदी ने बताया कि कैसे कोरोना महामारी एक ‘अदृश्य खतरा’ था जिसका सामने करने के लिए दुनिया में कोई भी तैयार नहीं था। दानिश सिद्दीकी ने कोरोना काल के दौरान ऐसी तस्वीरें खींची जिसने दुनिया भर को रुला दिया। यह तस्वीर पिछले साल दिल्ली के एक श्मशान घाट की थी, जहां कोविड -19 पीड़ितों की सामूहिक चिताएं जल रही थीं। दानिश के पिता अख्तर सिद्दीकी बताते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान दानिश हरिद्वार, भागलपुर समेत कई जगहों गए।

पुलित्जर पुरस्कार विजेता दानिश सिद्दीकी की चर्चित तस्वीरों में वायरल हुई तस्वीर के अलावा ऐसी अनेक तस्वीरें हैं। ऐसी ही एक तस्वीर पुलित्जर की वेबसाइट पर है, जिसमें पिछले साल अप्रैल में हरिद्वार में कुंभ मेले में पारंपरिक शाही स्नान के दौरान गंगा में प्रवेश करने से पहले मास्क पहने एक नागा साधु की है।

कुंभ में शाही स्नान के दौरान गंगा में प्रवेश करने से पहले मास्क पहने नागा साधु

कोरोना काल में दानिश द्वारा ली गई एक और तस्वीर है, जिसमें शवदाह गृह में बहुत सारी अस्थियां रखी हुई हैं। हर जगह लॉकडाउन था इसलिए लोग अस्थि विसर्जन नहीं कर सके थे। इस वजह से ये अस्थियां यहां रखी हुई थीं।

भागलपुर एक मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर पर लेटा शख्स और बगल में खड़ी उसकी पत्नी

कोरोना महामारी ने भारत को बहुत प्रभावित किया। दानिश की कई तस्वीरों ने इस विभिषिका को बयां किया है। एक तस्वीर बिहार के भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की है, जहां अस्पताल के कॉरिडोर में एक महिला स्ट्रेचर पर लेटे अपने पति की तरफ देख रही है।

दिल्ली के एक श्मशान में खड़ा हेल्थवर्कर

दानिश ने कैमरे के जरिए कोरोना महामारी के खौफनाक मंजर को दिखाने की कोशिश की। दानिश द्वारा ली गई एक तस्वीर में दिल्ली के एक श्मशान में एक हेल्थवर्कर खड़ा है जो कि सीआरपीएफ के एक अधिकारी को दफनाने जा रहा है। इस अधिकारी की कोविड के कारण मौत हुई थी।