Shashi Tharoor on Nehru: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को लेकर बड़ा बयान दिया। केरल के तिरुवनंतपुरम लोक सभा के सांसद थरूर ने कहा कि नेहरू के कुछ फैसलों के चलते ही भारत-चीन से 1962 का युद्ध हार गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नेहरू के प्रशंसक हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि उनके गलत फैसलों की आलोचना नहीं हो सकती है।

शशि थरूर ने इस बात पर पूरा जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना आवश्यक है लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए नेहरू को ही दोषी ठहरा देना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि वे नेहरू को भारतीय लोकतंत्र के संस्थापक के तौर पर ही स्वीकारते हैं लेकिन मुद्दों के आधार पर आलोचना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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शशि थरूर बोले- नेहरू का प्रशंसक हूं लेकिन…

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, शशि थरूर ने कहा, “मैं जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक हूं, लेकिन बिना सोचे-समझे उनका प्रशंसक नहीं हूं। मैं उनके विचार और दृष्टिकोण की बहुत प्रशंसा करता हूं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखता हूं, हालांकि मैं उनके सभी विचारों और नीतियों का शत प्रतिशत समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने जो कई कार्य किए हैं, वे सर्वोच्च प्रशंसा के पात्र हैं।”

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भारत चीन युद्ध का किया जिक्र

शशि थरूर ने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि नेहरू की मौजूदा सरकार द्वारा की जा रही आलोचना में कुछ सच्चाई हो सकती है। उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के हाथों मिली हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को भी दिया जा सकता है।

शशि थरूर ने कहा, “नेहरू की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी… मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) लोकतंत्र विरोधी हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।” शशि थरूर ने कहा कि हर मुद्दे पर सरकार द्वारा नेहरू को जिम्मेदार ठहरा देना सही नहीं है।

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