कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नाराज होने की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कोच्चि में आयोजित एक महापंचायत कार्यक्रम के दौरान उन्हें अपमानित महसूस हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। शशि थरूर ने यहां तक कहा है कि पार्टी में उनके योगदान को नजरअंदाज किया जा रहा है।

क्यों नाराज हुए शशि थरूर?

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिन पहले कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर यह विवाद शुरू हुआ। शशि थरूर को पहले यह जानकारी दी गई थी कि उनके संबोधन के बाद केवल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भाषण होगा। ऐसी स्थिति में शशि थरूर की वरिष्ठता बनी रहती। लेकिन तय प्रोटोकॉल के उलट, राहुल गांधी से पहले कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने भी मंच से संबोधन दिया। इसी बात को लेकर शशि थरूर नाराज हो गए और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर उनके मन में आक्रोश पैदा हो गया।

शशि थरूर की नाराजगी की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि कोच्चि के उस कार्यक्रम में राहुल गांधी के संबोधन के दौरान शशि थरूर का नाम तक नहीं लिया गया। इससे भी कांग्रेस सांसद ने खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस किया।

केरल चुनाव पर पड़ेगा असर?

जानकारों का मानना है कि केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शशि थरूर की यह नाराजगी कांग्रेस के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से शशि थरूर के कई ऐसे बयान सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है। कुछ मुद्दों पर उन्होंने मोदी सरकार का समर्थन भी किया है और कई मामलों में पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया है।

इसी वजह से अब जब एक बार फिर उनकी नाराजगी की खबरें सामने आई हैं, तो इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि अब तक शशि थरूर ने खुद इस नाराजगी को लेकर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन कांग्रेस के अंदरखाने इस बात की चर्चा जरूर है कि पार्टी के भीतर मतभेद गहराते जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें- सैनिकों को मिली चिट्ठियों की अनकही कहानियां