केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कृषि कानूनों पर विवाद की स्थिति जारी है। किसान संगठनों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही। इसमें दो बड़े मंत्री- पीयूष गोयल और नरेंद्र सिंह तोमर के दिलासों के बावजूद किसानों ने उनके सुझावों को मानने से इनकार कर दिया। अब इस पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि मोदीजी को देश ने 303 सीटें क्यों दिया, ताकि जो हमने अपने घोषणापत्र में लिखा था, उसे लागू किया जा सके।

इस पर कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने कहा, “किसान दिल्ली की चौखट पर बैठे हैं, ठंड में ठिठुर रहे थे और मोदी जी काशी में संगीत पर ठिठक रहे थे। मोदी जी वहां बोल रहे थे कि परसों बैठक है। किसान भ्रमित हैं।” अखिलेश सिंह की इन बातों को बीच में ही काटते हुए संबित पात्रा ने कहा कि मोदीजी कम से कम काशी में तो थे। राहुल गांधी की तरह बैंकॉक में तो नहीं है। राहुल गांधी वहां बैंकॉक में बैठा है, पता नहीं कौन सा किसानी पढ़ने गए हैं। लेकिन मोदीजी चले जाते हैं बनारस तो इन्हें आग लग जाती है।

संबित पात्रा ने इससे पहले तंजपूर्ण अंदाज में कहा कि किसान मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता को सुनना जरूरी है, क्योंकि सोनिया जी और रॉबर्ट वाड्रा सबसे बड़े किसान हैं। ये ट्रैक्टर लेकर आए थे इटली से। संबित पात्रा के बार-बार टोकने पर अखिलेश सिंह ने मजाक उड़ाते हुए उनसे पूछा- कि आखिर क्यों इतना बड़बड़ा रहे हो, क्यों फ्रस्टेशन में आ रहे हो?

क्या रहा है किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का असर: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ मंगलवार को हुई किसानों की बातचीत का अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। सरकार ने किसानों के मुद्दों पर विचार के लिए एक समिति बनाने का प्रस्ताव दिया, जिस पर किसान नेताओं ने आगे विचार की बात कही। हालांकि, इस दौरान वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस मुद्दे पर गुरुवार (3 दिसंबर) को फिर बातचीत होगी।