Farmers Protest

पंजाब में किसान संगठनों ने दिल्ली-अमृतसर हाईवे किया जाम, कृषि कानून के विरोध में कर रहे हैं प्रदर्शन

किसान मजदूर संघर्ष समिति के सदस्यों ने कृषि कानूनों के खिलाफ गुरुवार को दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम रखा।

पंजाब में ब्लैकआउट का मंडराया खतरा! कोयले की कमी से बंद हुए 5 थर्मल प्लांट; मालगाड़ियों की आवाजाही पर 7 नवंबर तक लगी है रोक

पंजाब में किसान आंदोलन के चलते मालगाड़ियों की आवाजाही पर रेल मंत्रालय ने रोक लगा दी है। ऐसे में बिजली के प्लांट्स को मिलने वाले कोयले की आपूर्ति में बाधा पैदा हो गई है। अब पंजाब में पावर कट हो रहा है और ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है।

भाजपा की रैली में कृषि बिलों का समर्थन कर रहे किसान की मौत, बेटे ने लगाया हत्या का आरोप

किसान के बेटे ने बताया कि कृषि बिल विरोधी कुछ प्रदर्शनकारी उनके पिता की हत्या में शामिल हैं।

कृषि कानूनों के खिलाफ याचिकाओं पर SC का केंद्र को नोटिस, कहा- 4 हफ्तों के भीतर दें जवाब

राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सदस्य मनोज झा, केरल से कांग्रेस के लोकसभा सांसद टीएन प्रतापन और तमिलनाडु से द्रमुक के राज्यसभा सदस्य तिरुची शिवा और राकेश वैष्णव की तरफ से कृषि कानूनों के खिलाफ याचिका दायर की थी।

कृषि कानून और संवैधानिकता: राज्यों के अधिकारों पर बहस कितनी जरूरी

विरोध कर रहे राज्यों का तर्क है कि संघ सूची की चीजें जिन पर संसद को कानून बनाने का अधिकार है, उनमें साफ बताया गया है कि कृषि पर कानून बनाने का अधिकार संसद के पास नहीं होगा। आयकर पर केंद्र सरकार कानून बना सकती है, लेकिन इसमें कृषि से अर्जित आय शामिल नहीं है। कृषि को स्थानीय विषय माना गया है।

दूसरी नजर: कृषि कानून- विकल्प नहीं, सिर्फ हल्ला

मोदी सरकार के नए नियम वैकल्पिक किसान बाजारों का सृजन नहीं करते। इसके उलट, निजी प्रबंधों को सुनिश्चित करने के लिए कारपोरेट सहित निजी व्यापारियों को इजाजत देकर और विवादों के समाधान की प्रक्रिया को और पेचीदा तथा नौकरशाही के हवाले करते हुए सरकार ने किसानों के लिए और मुश्किलें पैदा कर दी हैं।

दिल्ली में इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर जलाने के मामले में पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष की बढ़ी मुश्किल, पुलिस ने हिरासत में लिया

घटना के बाद युवा कांग्रेस ने ट्वीट किया था कि ‘शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर आज पंजाब युवा कांग्रेस ने गूंगी-बहरी सरकार को जगाने के लिए इंडिया गेट पर किसानों के साथ ट्रैक्टर आग के हवाले किया और प्रदर्शन किया।

‘अन्नदाता फिर फुटबॉल बन गया है’, शो में बोले किसान नेता- वादा किया था, पर गारंटी क्यों नहीं देते…हम कैसे PM पर कर लें यकीन?

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वीएम सिंह ने कहा कि यदि कांग्रेस ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर दी होती तो आज बीजेपी सरकार में होती ही नहीं।”

न्यूनतम समर्थन मूल्य व मंडी प्रणाली, किसान हितों के सवाल और पूंजी पर जारी मंथन

कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून के तहत किसानों और व्यापारियों को एपीएमसी की मंडी से बाहर फसल बेचने की आजादी होगी। सरकार का कहना है कि वह एपीएमसी मंडियां बंद नहीं कर रही है बल्कि किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था कर रही है जिसमें वह निजी खरीददार को अच्छे दामों में अपनी फसल बेच सके।

दूसरी नजर: हर किसी को हर वक्त मूर्ख बनाना

मोदी सरकार के कानून हजारों वैकल्पिक बाजार बनाने वाले नहीं हैं। बजाय इसके वे ठेके पर खेती की इजाजत देंगे और कारपोरेट घरानों के प्रवेश के लिए दरवाजा खोल देंगे और आखिरकार गिरोहबाजी के लिए भी रास्ता खुल जाएगा।

Farm Bill 2020: निर्मला सीतारमण का बयान याद दिला रवीश कुमार बोले- प्रधानमंत्री को यह नहीं कहना था कि मंडियों को ख़त्म करने की बात झूठ है

सीतारमण ने कहा था कि ‘इसके लिए राज्यों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं ई-नाम पर जोर देना चाहती हूं और कई राज्य सरकारें इस पर काम कर रही हैं।’

कृषि बिलः ‘कड़वे अनुभव से खौफजदा है किसान’, बोले पी साईनाथ- 2014 से पहले वादा था MSP पर, मगर पलटी मोदी सरकार

वरिष्ठ पत्रकार पी.साईनाथ ने आगे कहा कि इसके बाद साल 2016 में तत्कालीन कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा था कि उनकी सरकार ने स्वामीनाथ कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का कोई वादा नहीं किया था!

किसान नेता यशपाल मलिक बोले- कृषि अध्यादेशों से किसान के साथ ही खेती में जुटा मजदूर भी मरेगा

पंजाब के अमृतसर में लगातार दूसरे दिन ‘रेल रोको’ आंदोलन जारी है। किसान मजदूर संघर्ष समिति, कृषि बिल के खिलाफ 24 से 26 सितंबर तक ‘रेल रोको’ आंदोलन कर रही है।

कोशिश करेंगे, महाराष्ट्र में कृषि विधेयक लागू नहीं हों : कांग्रेस, राकांपा

उपमुख्यमंत्री और राकांपा नेता अजित पवार ने पुणे में कहा कि किसानों के साथ-साथ राकांपा और अन्य दल भी नए विधेयकों के खिलाफ हैं।

पंजाब में उग्र हुआ किसानों का विरोध प्रदर्शन, रेल रोकों आंदोलन शुरू, सरकार को दी चेतावनी

पंजाब में पहले ही 25 सिंतबर को राज्यव्यापी बंद बुलाया गया है। इसके अलावा कांग्रेस ने भी इन विधेयकों को किसान-विरोधी और गरीब-विरोधी बताकर दो महीने के जनआंदोलन का ऐलान किया है।

राजनीति: कृषि सुधार का ऐतिहासिक क्षण

समय की मांग यह थी कि ऐसी प्रणाली लागू की जाए जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई हमारी नीतियों का अनुपूरक हो। जब हम कृषि उपज बढ़ाने में सफल रहे, तब भी हम विश्व में पिछड़ गए। किसानों के लिए मूल्य प्राप्ति उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान किए गए खुदरा मूल्य का अंश मात्र था। इसी प्रकार गुणवत्ता नियंत्रण और प्रमाणन की कमी थी, जिसके परिणामस्वरूप खाद्य निर्यात बाजारों में भारत का एक छोटा-सा हिस्सा था।

कृषि बिल विवादः नहीं थम रहा विरोध! मनसा में किसानों ने बनाई BJP नेताओं, कार्यकर्ताओं की ‘लिस्ट’, करेंगे सामाजिक बहिष्कार

मनसा जिले में 25 सितंबर को पंजाब के किसानों के समर्थन में बंद भी बुलाया गया है। इसका फैसला संविधान बचाओ मंच और किसानों-कमीशन एजेंटों के बीच हुई बैठक में हुआ।

कृषि विधेयकों पर घमासान: किसान होंगे खुशहाल या मेहनत होगी खराब

किसान सड़कों पर उतर गए हैं। पंजाब, हरियाणा समेत देश के अन्य राज्यों में भी किसानों और व्यापारियों का विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। उनके मन में राज्यों के कृषि उपज विपणन समिति कानून के तहत संचालित मंडियों के खत्म होने, विधेयक में एमएसपी का जिक्र नहीं समेत कई आशंकाएं हैं।

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