मल्लिकार्जुन खड़गे के कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के तुरंत बाद राजस्थान के प्रभारी महासचिव अजय माकन ने अपना पद छोड़ दिया। वह इस पद पर केवल दो साल दो महीने ही रहे। उनके इस्तीफे के साथ ही आल इंडिया कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) सदस्यों, महासचिवों, प्रभारियों ने भी अपने पद छोड़ दिये। कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट करके बताया कि सभी लोगों ने अपने इस्तीफे नये अध्यक्ष को सौंप दिये हैं। अब इन पदों पर नये सिरे से नियुक्तियां की जाएंगी।

पिछले महीने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर विधायकों में नाराजगी और राजनीतिक अस्थिरता के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ अजय माकन को केंद्रीय प्रेक्षक के रूप में जयपुर भेजा गया था। इस दौरान पार्टी के राज्य प्रभारी अजय माकन पर सचिन पायलट का पक्ष लेने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद से ही उनके इस्तीफे की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब जब मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को नये अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है, तब उन्होंने बाकी प्रभारियों के साथ ही अपना पद छोड़ दिया। उम्मीद की जा रही है कि पार्टी में कई नये नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

अजय माकन ने जताया सोनिया गांधी के प्रति आभार

इस बीच यह भी चर्चा है कि अजय माकन के राजस्थान प्रभारी का पद छोड़ने के बाद अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। खड़गे के पदभार समारोह में माकन पूरी तरह से सक्रिय रहे। उन्होंने इस मौके पर अपने विचार भी रखे। माकन ने पार्टी की ओर से एक बयान पढ़ा, जिसमें कहा गया कि सोनिया गांधी ने भारत को उसके विभिन्न स्वरूपों और उसकी अथाह सामाजिक-सांस्कृतिक-भौगोलिक समग्रता में आत्मसात किया है। बयान में कहा गया है, “वह इस महान देश से अपने गहरे प्रेम से अपनी राजनीतिक प्रेरणा पाती हैं। लोगों ने भी बदले में उन्हें वही प्यार और भरोसा दिया है।”

इससे पहले अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नये अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, “नये भारत में भूख, प्रदूषण बढ़ रही है, लेकिन रुपया नीचे जा रहा है। सरकार सो रही है लेकिन सीबीआई, ईडी और आईटी 24 घंटे काम कर रही है। नए भारत में गोडसे को देशभक्त और महात्मा गांधी को देश विरोधी बताया जा रहा है। वे आरएसएस का संविधान लाना चाहते हैं।”

कहा, “नया भारत बनाने के लिए भाजपा देश को कांग्रेस मुक्त करना चाहती है। क्योंकि वे जानते हैं कि जब तक कांग्रेस रहेगी, वे ऐसा नहीं कर सकेंगे। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे और इसके खिलाफ लगातार संघर्ष करते रहेंगे।”