2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार को कड़ी टक्कर देने के लिए विपक्षी गठबंधन में क्षेत्रीय विरोध साफ दिख रही है। राष्ट्रीय स्तर पर बनाया गया आईएनडीआईए (INDIA) गठबंधन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी साथ-साथ हैं, लेकिन पंजाब में कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी का विरोध किया है। राज्य में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी से अनुरोध किया है कि पंजाब में चुनावी गठबंधन नहीं रखा जाए।

राज्य में गठबंधन से सत्ता तक पहुंचने में होगा संकट

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सुझाव दिया है कि पंजाब में पार्टी ‘केरल मॉडल’ की तरह आम आदमी पार्टी के खिलाफ मैदान में उतरे। हालांकि वह इस शब्द को खुद नहीं बोले हैं। बाजवा ने कांग्रेस सुप्रीमो से कहा कि यदि पंजाब में आम आदमी पार्टी से गठबंधन करके चुनाव मैदान में उतरा जाता है तो फिर कांग्रेस पार्टी को ही नुकसान होगा। उनका कहना है कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है और कांग्रेस विपक्ष में है। अगर गठबंधन साथ-साथ चलता है तो कांग्रेस को सत्ता में पहुंचने में काफी मुश्किल होगी।

शीर्ष नेतृत्व ने हितों की रक्षा का दिया है आश्वासन

राष्ट्रीय स्तर पर आईएनडीआईए (INDIA) गठबंधन भाजपा के खिलाफ मोर्चा बना रहा है और वह मोदी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट हो रहा है, लेकिन पंजाब में कांग्रेस आम आदमी पार्टी के खिलाफ जनादेश पाई है। उन्होंने उम्मीद जताई, “शीर्ष नेतृत्व द्वारा आश्वासन दिया गया है कि पंजाब में पार्टी के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी और किसी भी परिस्थिति में उन्हें खतरे में नहीं पड़ने दिया जाएगा।”

बाजवा ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से राज्य की दो प्रमुख दलों में से एक रही है। उन्होंने कहा कि लोग बदलाव चाहते थे। इसकी वजह से आम आदमी पार्टी सत्ता में आई। हालांकि आम आदमी पार्टी से लोग ठगा महसूस कर रहे हैं।

राज्य में आम आदमी पार्टी पंजाब कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस के कई नेताओं के खिलाफ विजिलेंस जांच की जा रही है। इससे भी राज्य की कांग्रेस इकाई में रोष व्याप्त है। आम आदमी पार्टी की सरकार के गठन के बाद से दोनों पार्टियां एक-दूसरे की धुर विरोधी रही हैं।