भारत में कोरोना वायरस की वजह से हड़कंप मच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल किसी भी होली मिलन समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के संबंध में विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखते हुए वह इस बार किसी होली मिलन कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। मोदी ने कहा, “दुनिया भर के विशेषज्ञों ने COVID-19 नॉवेल कोरोनॉयरस के प्रसार से बचने के लिए सामूहिक समारोहों को कम करने की सलाह दी है। इसलिए, इस साल मैंने किसी भी होली मिलन कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला किया है।” भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी पीएम मोदी की तरह ही फैसला लिया है। बता दें कि अगले सप्ताह 10 मार्च को होली है।
जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, “दुनिया COVID -19 नॉवेल कोरोना वायरस से जूझ रही है। देश और चिकित्सा कम्युनिटी साथ मिलकर इसके प्रसार को रोकने के प्रयास कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए इस वर्ष मैं न तो होली मनाऊंगा और न ही होली मिलन का आयोजन करूंगा। सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें।”
मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 नोवेल कोरोना वायरस से निपटने की तैयारी का जायजा लिया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोविड-19 नोवेल कोरोना वायरस के मद्देनजर तैयारी की गहन समीक्षा की। भारत आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग से लेकर तुरंत चिकित्सा प्रदान करने तक की समस्त गतिविधियों के लिए विभिन्न मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 28 पुष्ट मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि अब सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे पहले 12 देशों के यात्रियों की ही स्क्रीनिंग की जा रही थी।
हर्षवर्धन ने संवाददाताओं से कहा कि यदि ईरान की सरकार सहायता करने को तैयार होती है तो वहां भी एक जांच केंद्र बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से स्क्रीनिंग के बाद ईरान से भारत के नागरिकों को वापस लाने में मदद मिलेगी।
हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और नगर निकाय के अधिकारियों से मुलाकात कर उनसे भी शहर के अस्पतालों में पृथक वार्ड की सुविधाएं तैयार करने की अपील की है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के 28 मामलों में से एक व्यक्ति दिल्ली से और उसके छह रिश्तेदार आगरा से, एक तेलंगना से जबकि 16 इटली के नागरिक और उनका भारतीय चालक शामिल हैं। इसके अलावा, तीन पुराने मामले केरल के हैं। उन्होंने बताया कि अब तक हवाई अड्डों पर 5,89,000 लोगों की जबकि सीमाओं पर दस लाख से भी ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। (भाषा इनपुट के साथ)
