जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भारत पर मुसलमानों का सफाया करने की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री परमाणु युद्ध की बात कर रहे हैं।

इसके उलट पाकिस्तानी नेता अल्ताफ हुसैन ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान को खत्म करने का समर्थन किया है। इतना ही नहीं पाकिस्तानी नेता ने ‘सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्ता हमारा गीत भी गाया।’ हुसैन पाकिस्तान के राजनीतिक दल मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के संस्थापक है। वे फिलहाल लंदन में निर्वासित जीवन बीता रहे हैं।

हुसैन ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के भारत की नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। एमक्यूएम की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के तहत मिले प्रावधानों खत्म करने का भारत के लोगों में खूब समर्थन मिल रहा है।

हुसैन ने कश्मीर के मुद्दे पर पिछले 72 सालों से लोगों को भ्रमित करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की। हुसैन ने जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर पाक के हस्तक्षेप के इतिहास का वर्णन करते हुए कहा कि पाकिस्तान कबिलाई लोगों का प्रयोग जम्मू-कश्मीर पर हमला करने के लिए किया था। इसके बाद ही महाराजा हरी सिंह ने भारत से मदद मांगी थी। हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के साथ 4 लड़ाइयां लड़ी लेकिन हर बार उसे मुंह की खानी पड़ी।


हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों का दुरुपयोग कर उन्हें पाकिस्तानी झंडा फहराने के लिए बाध्य करता रहा है। एमक्यूएम के नेता ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने निहत्थे और निर्दोष मोहाजिर, बलूच, पश्तून, सिंधी व अन्य अल्पसंख्यकों की हत्या की थी।

हुसैन के अनुसार पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं बल्कि सैन्य शासन है। पाकिस्तानी नेता ने दावा किया कि पाकिस्तान में संसद, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और पूरी राजनीतिक और प्रशासन तंत्र रबर स्टैंप के समान काम करता है। यह पूरी तरह से पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के नियंत्रण में हैं।