कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने देश को कथित तौर पर बांटने को लेकर आईएसआईएस और आरएसएस को एक ही कतार में खड़ा करने का प्रयास करते हुए कहा कि मुसलमानों को आईएसआईएस और आरएसएस दोनों का विरोध करना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता सम्मेलन’ में कहा, ‘‘हम मुसलमानों के बीच भी ऐसे लोगों को देखते हैं कि जो मुस्लिम देशों की तबाही की वजह बन गए हैं… इनके पीछे कुछ ताकते हैं। परंतु हमें यह समझने की जरूरत है कि मुसलमान इसमें क्यों शामिल हो रहे हैं, वे क्यों फंसते जा रहे हैं?’’

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साथ ही आजाद ने कहा कि इसलिए, हम आईएसआईएस जैसे संगठनों का उसी तरह विरोध करते हैं जैसे आरएसएस का विरोध करते हैं। अगर इस्लाम में ऐसे लोग हों जो गलत चीजें करते हैं, तो वे आरएसएस से कम नहीं हैं।

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आजाद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अपने इतिहास के सिवाय दूसरों का इतिहास नहीं पढ़ते, वो ऐसे ही बोलते हैं जो आजकल दिख रहा है। देश में लड़ाई हिंदू और मुसलमान के बीच नहीं, बल्कि नजरिए की लड़ाई है। हम लोगों को सभी तरह की सांप्रदायिकता का मुकाबला मिलकर करना है।

कांग्रेस नेता आजाद का इस भाषण का वीडियो इंटरनेट पर काफी शेयर हो रहा है।

आजाद के भाषण पर पलटवार करते हुए आरएसएस के जय नंदकुमार ने कहा कि आरएसएस की तुलना आईएसआईएस से यह दिखाता है कि कांग्रेसी दिमागी तौर पर खोखले हो गए हैं।

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