भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने “बदले की राजनीति” का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनकी सरकार के लिये हर कदम पर मुश्किल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे अब भी विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार को पचा नहीं पाए हैं।
ममता के इस बयान को लेकर न्यूज़ चैनल “न्यूज़ 18 इंडिया” पर एक डिबेट हो रही थी। उस दौरान कांग्रेस नेता अल्का लंबा ने भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान के नाम को लेकर तंज़ कसा तो वे उनपर भड़क गए। जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। बहस के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा “गुरु प्रकाश जी अंधकार में हैं इन्हें बहार लाइये। प्रकाश में लाइये इन्हें हकीकत बताइये।”
इसपर गुरु प्रकाश भड़क गए और कहने लगे “मेरे नाम का मज़ाक बनाने का आपको कोई अधिकार नहीं है। आप शांत हो जाइए अब। आप पहले मुझे माफी मांगिए।” इसपर एंकर ने कहा “गुरु प्रकाश जी मैं आपकी बात से सहमत हूं। अल्का अपनी स्टूडेंट पॉलिटिक्स की है और गुरु प्रकाश बहुत अच्छे प्रवक्ता हैं।
इसपर अल्का लंबा ने कहा “आप उन्हें सर्टिफिकेट मत दीजिये। अगर इतने अच्छे होते तो राहुल गांधी जी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते। बता दें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को बुलाने के फैसले को वापस ले और वरिष्ठ नौकरशाह को कोविड-19 संकट के दौरान लोगों के लिए काम करने की इजाजत दे।
बनर्जी ने आगे कहा कि अगर बंगाल की वृद्धि और विकास के लिये उनसे मोदी के चरण छूने को कहा जाएगा तो वह इसके लिये तैयार हैं। उन्होंने कहा, “क्योंकि आप (मोदी और शाह) भाजपा की हार (बंगाल में) पचा नहीं पा रहे हैं, आपने पहले दिन से हमारे लिये मुश्किलें खड़ी करनी शुरू कर दी। मुख्य सचिव की क्या गलती है? कोविड-19 संकट के दौरान मुख्य सचिव को वापस बुलाना दिखाता है कि केंद्र बदले की राजनीति कर रहा है।”

