कांग्रेस सेवादल द्वारा सावरकर पर जारी किए गए विवादित बुकलेट को लेकर अब सहयोगी एनसीपी (NCP) ने भी कांग्रेस को नसीहत दी है। बीजेपी (BJP) पहले ही इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि वैचारिक मतभेद ठीक है लेकिन सावरकर पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक लेख लिखना गलत है। बता दें कि विवादित बुकलेट में दावा किया गया था कि ‘सावरकर और गोडसे के बीच शारीरिक संबंध थे।’ इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने भी सावरकर पर विवादित टिप्पणी करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। ऐसे में सावरकर मुद्दे पर महाराष्ट्र अघाड़ी में खटपट देखने को मिल रही है।

एनसीपी नेता ने दी कांग्रेस को नसीहत: नवाब मलिक ने कांग्रेस सेवादल की बुकलेट में ‘सावरकर और गोडसे के बीच शारीरिक संबंध थे’ टिप्पणी पर कहा, ‘आपत्तिजनक लेख लिखना गलत है, वैचारिक मतभेद ठीक है लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए, खासकर जब व्यक्ति (सावरकर) जीवित नहीं है।’

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महाराष्ट्र की राजनीति में खटपट: एनसीपी से पहले सावरकर पर मचे घमासान के बीच महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया था। सांसद संजय राउत ने कहा था कि वीर सावरकर एक महान व्यक्तित्व थे और हमेशा रहेंगे। एक वर्ग उनके खिलाफ बोलता रहता है जो उनके दिमाग की गंदगी को दिखाता है कि कितना हद तक वे गिर सकते हैं।

क्या है विवाद: दरअसल, पूरा विवाद एम्सपी में कांग्रेस सेवादल की ओर से बांटी गई किताब के बाद शुरू हुआ। इस बुकलेट पर लिखा गया है, ‘वीर सावरकर कितने वीर।’ इस बुकलेट में में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और सावरकर के बीच शारीरिक संबंध होने का दावा किए गया। हालांकि इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी दिल्ली की एक रैली में सावरकर पर एक बयान दिया था, जिसपर खूब विवाद हुआ था।