एनआरसी और सीएए को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और महाराष्ट्र कैबिनेट के सदस्य जितेंद्र अव्हाड ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। जितेंद्र अव्हाड ने कहा, “अब तू मेरे देशवासी होने का सबूत मांगेगा? मैं दिल्ली के तख्त से पूछ रहा हूं। तो सुन जब तेरा बाप सर झुका के अंग्रेजों के तलवे चाट रहा था, तब मेरा बाप फांसी के तख्त को चूमके इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहा था।” उन्होंने अपने आधिकारिक टि्वटर अकाउंट से ट्वीट किया, “हद है, फिरंगियों के एजेंट पूछते हैं, इस घर के मालिको से किसकी जमीन है ये।”
हालांकि, एनसीपी नेता के भाषा पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी आपत्ति जताई है और कहा कि कम से कम इन्हें अपनी भाषा का ध्यान रखना चाहिए। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी के शासन वाले राज्य संशोधित नागरिकता कानून को लागू करने के खिलाफ विधानसभाओं में प्रस्ताव ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य पंजाब का अनुसरण कर सकते हैं जिसने सीएए के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया। पटेल ने कहा, ‘‘पंजाब के बाद हम राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।’’ बता दें कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार शिवसेना और राकांपा के साथ गठबंधन में है।
दरअसल पूरे देश में विपक्षी पार्टिंयों और विभिन्न संगठनों द्वारा एनआरसी, एनपीआर तथा सीएए का विरोध किया जा रहा है। पिछले एक महीने से दिल्ली के शाहीनबाग में लोग सीएए के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी ‘आजादी’ और ‘सीएए-एनआरसी पर हल्ला बोल’ जैसे अन्य नारे लगा रहे हैं। बिहार की राजधानी पटना के सब्जीबाग में भी सीएए के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हो रहा है।
