मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) ने मेट्रो लाइन वन में चलने वाली मेट्रों से 16 सीटें हटा दी हैं। बता दें कि एमएमओपीएल घाटकोपर और वर्सोवा को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन वन का संचालन करती है। मेट्रो वन के एक अधिकारी ने कहा कि यह 16 के बजाय 32 यात्रियों को समायोजित करने के लिए सीटें हटाई गई है। ताकि अतिरिक्त स्थान मिल सके।
वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी सीटें: इसे पायलट के रूप में दो-तीन सप्ताह तक चलाया गया, जिसके दौरान यात्रियों की प्रतिक्रिया ली जाएगी। हालांकि एक यात्री ने ट्विटर पर पोस्ट किया कि गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का क्या होगा। इसके जवाब में मेट्रो वन के अधिकारियों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंदों के लिए आरक्षित सीटें नहीं हटाई गई हैं। उनके लिए सीटे अभी भी आरक्षित रहेंगी।
यात्रियों के सुझाव के बाद प्रयोग किया जा रहा है: एमएमओपीएल के प्रवक्ता ने बताया कि, “यह प्रयोग यात्रियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर किया जा रहा है। हम लगातार यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में काम करते रहते हैं और यह प्रयोग उनमें से एक है। शुरुआती प्रतिक्रिया के अनुसार, यात्रियों ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।” इस प्रयोग में हर कोच में पहले से लगभग 32 से ज्यादा अतिरिक्त यात्री सफर कर सकते है।
हर दिन 3.80 लाख यात्री सफर करते है: एमएमओपीएल चार कोच वाली 16 मेट्रो ट्रेनों को चलाता है। मेट्रो वन मुंबई की एकमात्र परिचालन मेट्रो लाइन है जो उपनगरों के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ती है। इस लाइन पर लगभग हर दिन 3.80 लाख यात्री सफर करते हैं। यह मुंबई की अब तक की सबसे बड़ी मेट्रो लाइन है।
ऐसा पहले भी लोकल ट्रेनों में किया गया था: गौरतलब है कि इससे पहले कुछ इसी प्रकार का काम सेंट्रल रेलवे (सीआर) लाइन पर लोकल ट्रेनों में किया गया था, जो विफल रहा है। सेंट्रल रेलवे ने सात रेक में से लगभग 10 ज्यादा सीटें हटा दी थीं।

