एआईएमआईएम (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नागरिकता संशोधन कानून, राष्ट्रीय नागरिक पंजी और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री इस तरह का काम करके देश को बांटना चाहते हैं तथा संविधान को नष्ट कर रहे हैं। बता दें कि ओवैसी ने यह बात बिहार के किशनगंज में एक जनसभा संबोधित करने पहुंचे थे।
देश को बांटना चाहते है पीएम मोदी: ओवैसी ने यहां रुइधासा मैदान में ‘संविधान बचाओ’ आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर जनता को गुमराह कर रहे हैं। पीएम मोदी एक बार फिर सीएए, एनआरसी और एनपीआर जैसे कदमों के जरिए देश को बांटना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि एनपीआर और एनआरसी में कोई अंतर नहीं है। अगर हम आज चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियों को जवाब देना होगा। एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा कि मुसलमानों ने भारत में रहने का रास्ता अपनाकर देशभक्त होने का प्रमाण दिया था लेकिन प्रधानमंत्री इसी समुदाय से नागरिकता साबित करने को कह रहे हैं।
Hindi News Today, 30 December 2019 LIVE Updates:देश-दुनिया की तमाम खबरे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करे
‘आपको हमारी देशभक्ति पर शक क्यों है?’: उन्होंने आगे कहा कि, ‘‘आपके मन में मुसलमानों के प्रति इतनी नफरत क्यों है, नरेंद्र मोदी जी? आपको हमारी देशभक्ति पर शक क्यों है?’’ उन्होंने संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पर जदयू के समर्थन को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी आलोचना की है। बता दें कि नीतीश कुमार की पार्टी संसद में नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया था। लेकिन सीएम खुद इस मामले में कुछ नहीं बोला है। हालांकि उन्होंने मीडिया से कहा था कि उनकी एनआरसी को समर्थन नहीं करती है।
CAA के विरोध प्रदर्शन में बीस से ज्यादा की मौत: गौरतलब है कि इस सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध देश के अलग-अलग राज्यों में हो रहा है। दिल्ली, यूपी, असम समेत कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले है। इन प्रदेशों मे इंटरनेट सेवा भी करनी पड़ी थी। इन विरोध प्रदर्शनों में 20 से ज्यादा लोगों की अभी तक मौत हो चुकी है। अभी इसके विरोध में माहौल शांत होता नहीं दिख रहा है।

