नोएडा, साउथ दिल्ली, आईजीआई एयर पोर्ट और गुड़गांव के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने आउटर रिंग रोड पर मोदी मिल फ्लाईओवर और आईआईटी गेट के पास सावित्री सिनेमा के बीच के हिस्से में ट्रैफिक कम करने के लिए योजना को मंजूरी दी है।

मोदी मिल फ्लाईओवर से आईआईटी गेट तक का 7.2 किलोमीटर लंबा यह खंड ग्रेटर कैलाश, मालवीय नगर, सीआर पार्क, चिराग दिल्ली, पम्पोश एन्क्लेव, पश्चिम एन्क्लेव और कालकाजी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरता है। यहां ज्यादातर समय भारी भीड़भाड़ रहती है।

मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी मंदिर फ्लाईओवर तक बढ़ाने का प्लान

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “यह इलाका चूंकि रिहायशी कॉलोनियों से घिरा हुआ है इसलिए सड़क चौड़ी करना संभव नहीं है। इसके चलते इस हिस्से की मरम्मत भी लंबे समय से रुकी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए, लोक निर्माण विभाग ने मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी मंदिर फ्लाईओवर तक बढ़ाने और कालकाजी मंदिर पर एक अतिरिक्त आधा फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव दिया है।” अधिकारी ने आगे कहा कि पूरे इलाके में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए सावित्री सिनेमा चौराहे पर एक अतिरिक्त आधा फ्लाईओवर बनाने का भी प्रस्ताव है।

अधिकारियों ने बताया कि मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी फ्लाईओवर तक बढ़ाने और कालकाजी मंदिर, सावित्री सिनेमा के पास आधे फ्लाईओवर बनाने की अनुमानित लागत 371.75 करोड़ रुपये है। वर्तमान में इस मार्ग से प्रतिदिन दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं।

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फ्लाईओवर बनाने की अनुमानित लागत 371.75 करोड़ रुपये

अधिकारियों ने बताया कि हालांकि इस प्रस्ताव को UTTIPEC से 2017 में मंजूरी मिल गई थी लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति (EFC) ने पिछले महीने आयोजित एक बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी। इस अपग्रेडेशन से साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश, चिराग दिल्ली, हौज खास, सफदरजंग, पश्चिम एन्क्लेव, कालकाजी और ईस्ट ऑफ कैलाश जैसे क्षेत्रों के निवासियों को लाभ होगा। इससे नोएडा, फरीदाबाद, बदरपुर, गुरुग्राम और आईजीआईए के बीच कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।

वर्तमान में खेल गांव, सावित्री सिनेमा, चिराग दिल्ली, कालकाजी, मोदी मिल (ओखला) और आईआईटी के पास एलिवेटेड कॉरिडोर हैं, साथ ही आठ ट्रैफिक सिग्नल भी हैं। एक अधिकारी ने बताया, “जब मौजूदा खंड का विकास किया गया था तब कम वाहन और घर थे लेकिन यातायात लगभग तीन गुना बढ़ जाने से भारी जाम की समस्या पैदा हो गई है,ऐसे में इस खंड का रेनोवेशन जरूरी हो गया है।”

अधिकारियों ने बताया कि एक अध्ययन में मां आनंदमयी मार्ग, कैप्टन गौर मार्ग और सावित्री सिनेमा चौराहों पर क्षमता बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई है। एक सरकारी दस्तावेज में कहा गया है कि इसका उद्देश्य यातायात का सुचारू और सुरक्षित प्रवाह सुनिश्चित करना, जाम से बचना, यात्रियों का समय और ईंधन बचाना है।

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