जम्मू कश्मीर में हाल ही में हुई प्रवासियों की हत्या ने वहां बसे बाहरी लोगों को अपने अपने राज्य वापस लौटने के लिए मजबूर कर दिया है। कश्मीर और आसपास के इलाकों में रह रहे कई बिहारी लोगों ने भी घर लौटना शुरू कर दिया है। वापस लौटने वाले लोगों के चेहरे पर कश्मीर में हो रही घटनाओं का भय साफ़ साफ देखा जा सकता है। कश्मीर से लौटने वाले प्रवासी मजदूर वहां का माहौल ख़राब होने का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि हमें घाटी में तैनात जवानों ने वापस लौटने की सलाह दी जिसके बाद हम अपने राज्य लौट आए।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार रात को पटना पहुंची जम्मू तवी-राजेंद्र नगर अर्चना एक्सप्रेस जैसे ही पटना जंक्शन पहुंची तो उसमें सवार यात्री अपना सामान लेकर उतरने लगे। इनमें से कई यात्री कश्मीर के कुलगाम में मजदूरी किया करते थे। लेकिन पिछले दिनों कश्मीर घाटी में हुई टारगेट किलिंग के भय से वे अपने राज्य को वापस लौट आए। इन लोगों के अनुसार कश्मीर में हालात में ख़राब होने के बाद वहां के स्थानीय लोगों ने उन्हें वापस अपने घर लौटने की सलाह दी और साथ ही वहां तैनात जवानों ने भी घर लौट जाने के लिए कहा। जिसके बाद वे अपने घर लौट आए।
कश्मीर से वापस आए इन मजदूरों का साफ़ साफ़ कहना है कि वहां का माहौल काफी ख़राब है। वे अब अपने गांव और शहर में ही कुछ काम करेंगे लेकिन वापस से कश्मीर नहीं जाएंगे। कई लोग तो अपने परिवार के साथ भी कश्मीर से वापस लौट आए हैं। अपने परिवार के साथ लौटने वाले एक शख्स ने कहा कि वे करीब 11 सालों से वहां रहते थे। उन्हें आजतक कोई दिक्कत नहीं हुई। लेकिन पिछले दिनों हुई घटना ने उन्हें परेशान कर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीर की मस्जिदों से वापस नहीं जाने का आग्रह किया जा रहा है लेकिन हालिया घटनाओं को देखते हुए कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता है।
गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने बिहार के कम से कम चार लोगों की हत्या कर दी थी। आतंकियों ने बीते पांच अक्टूबर को कश्मीर के लाल बाजार इलाके में गोलगप्पे बेचने वाले वीरेंद्र पासवान की हत्या कर दी थी। वीरेंद्र पासवान बिहार के भागलपुर के रहने वाले थे। इसके बाद बीते दिनों बांका के रहने वाले अरविंद शाह को निशाना बनाया। बीते रविवार को भी आतंकियों ने बिहार के रहने वाले तीन लोगों को गोली मार दी थी। जिसमें दो लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी।
इन हत्याओं के बाद से ही लोगों का पलायन शुरू हो गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन हमलों को लेकर जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से भी बात की थी। साथ ही नीतीश कुमार ने मारे गए लोगों के परिवार वालों के लिए 2 लाख रुपए के मुआवजे की भी घोषणा की थी।
