दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार शुरू कर दिया है। सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवारों की दो लिस्ट भी जारी कर दी है। दूसरी लिस्ट में सबसे बड़ा मूव पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की सीट बदला जाना था। वह अब पटपड़गंज से चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्हें जंगपुरा सीट से मैदान में उतारा गया है। मनीष सिसोदिया ने भी प्रचार शुरू कर दिया है और वह मंगलवार को जंगपुरा में मंदिर, गुरुद्वारा और दरगाह पहुंचे।
पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज से तीन बार विधायक रहे सिसोदिया को 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए इस सीट से मौजूदा विधायक प्रवीण कुमार की जगह उतारा गया है। उनकी पुरानी सीट पर पार्टी ने नए चेहरे और शिक्षक अवध ओझा को मैदान में उतारा है।
AAP का क्या प्लान है?
सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी इस सीट पर खास रणनीति के तौर पर काम कर रही है। पार्टी ने क्षेत्र की विविधता को ध्यान में रखा है। एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक इस निर्वाचन क्षेत्र में करीब 2 लाख मतदाता हैं। जिनमें से 12 फीसदी मतदाता मुस्लिम हैं, 16-18 फीसदी सिख और पंजाबी शरणार्थी हैं, 25-30 फीसदी ग्रामीण मतदाता हैं और 25 फीसदी शहरी मतदाता हैं।
आम आदमी पार्टी जंगपुरा को एक ‘सुरक्षित’ सीट के रूप में देखती है और उम्मीद करती है कि नेहरू नगर, सनलाइट कॉलोनी, निजामुद्दीन बस्ती और दरियागंज जैसे क्षेत्रों में दलित और मुस्लिम आबादी सिसोदिया को आरामदायक जीत दिलाएगी, जिन्होंने 2020 में पटपड़गंज में लगभग 3,200 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की थी।
मीडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह वोट मांगती है तो जनता अरविंद केजरीवाल के बेहतरीन स्कूल और जीरो बिजली बिल दिखाकर जवाब देती है। उन्होंने कहा, “जनता यह भी पूछती है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था इतनी खराब क्यों है और हर समय डर का माहौल क्यों रहता है, जिसका भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है।” सुप्रीम कोर्ट बुधवार को दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े एक मामले की सुनवाई करेगी, जिसमें आरोपी मनीष सिसोदिया अपनी जमानत शर्तों में ढील देने की मांग की है।
