राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में अपना संबोधन दिया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारी खेती को खुशहाल बनाने के लिए, फैसले लेने का ये समय है। साथ ही उन्होंने इस दौरान एमएसपी बने रहने का आश्वासन भी दिया। प्रधानमंत्री के बयान पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राज्यसभा में पीएम ने किसान, ग्रेजुएटस और वैज्ञानिकों की चिंताएं भी ठुकरा दी।
दरअसल पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि यह हमारी खेती को खुशहाल बनाने के लिए फैसले लेने का समय है। पक्ष हो, विपक्ष हो, आंदोलनकारी साथी हो, इन कृषि सुधारों को हमें मौका देना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि मंडियां और अधिक आधुनिक बनेंगी। एमएसपी है, एसएसपी था और एमएसपी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि शरद पवार, कांग्रेस और हर सरकार ने कृषि सुधारों की वकालत की है कोई पीछे नहीं है। मैं हैरान हूं अचानक यूटर्न ले लिया। आप आंदोलन के मुद्दों को लेकर इस सरकार को घेर लेते लेकिन साथ-साथ किसानों को कहते कि बदलाव बहुत जरूरी है तो देश आगे बढ़त।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके भाषण में कोई सार नहीं था। उन्होंने 3 कृषि कानूनों की कमी पर कांग्रेस के प्रस्ताव की अनदेखी की। साथ ही उन्होंने किसानों, स्नातकों और वैज्ञानिकों की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि किसी को कुछ भी पता नहीं है। क्या हम सब मूर्ख हैं? इसके अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि किसान चाहते हैं कि MSP की गांरटी एक्ट में हो। जब मोदी साहब गुजरात के मुख्यमंत्री थे और कमेटी के अध्यक्ष थे उस वक्त उन्होंने ही लिखित में कहा था कि किसानों को MSP लिखित में मिलनी चाहिए। आज वे क्यों नहीं दे रहे हैं।
राज्यसभा में पीएम मोदी ने लोगों से कृषि कानून को लेकर थोडा समय देने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि हर कानून में अच्छे सुझावों के बाद बदलाव होते हैं। इसलिए अच्छा करने के लिए अच्छे सुझावों के साथ, हमें आगे बढ़ना होगा। हमें देश को आगे बढ़ाने के लिए, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए, आंदोलनकारियों को समझाते हुए, देश को आगे ले जाना होगा।

