महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व में बनी सरकार का शक्ति परीक्षण कराने की शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों में नोकझोंक देखने को मिली। एनसीपी की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दूसरे पक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे लोग प्रोसिजर के हिसाब से काम नहीं कर रहे हैं।
इस पर भाजपा की तरफ से पैरवी करने के लिए मौजूद एडवोकेट और पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी का रवैया थोड़ा तल्ख हो गया। रोहतगी ने कहा कि एक याचिका के लिए आप लोग तीन-तीन वकील पैरवी कर रहे हैं। इस लिए प्रोसिजर पर तो हमें ज्ञान मत दीजिए। दूसरी तरफ केंद्र सरकार की तरफ से पेश वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि ये लोग एक वकील को लेकर भी आम राय नहीं बना पा रहे हैं।
इससे पहले सुनवाई के दौरान केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए भाजपा के पास एनसीपी के 54 विधायकों का समर्थन है। उसने शीर्ष अदालत से देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर जवाब देने के लिए दो-तीन दिन का समय मांगा। अदालत में दलील पेश करते हुए अजित पवार के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि उनके मुवक्किल की तरफ से दिया गया समर्थन पत्र कानूनी रूप से सही है।
अजित पवार के वकील ने अदालत में अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि अजित पवार ही एनसीपी हैं। अजित पवार का दावा है कि वह ही असली एनसीपी हैं। भाजपा की तरफ से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा है कि इस मामले में अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है। इससे पहले अजित पवार के वकील ने दलील पेश की थी कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट नहीं बल्कि हाईकोर्ट का है। कपिल सिब्बल ने सुनवाई के दौरान सुबह-सुबह राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के फैसले पर सवाल उठाए। सिब्बल ने कहा कि क्या कोई राष्ट्रीय आपदा थी कि सरकार को इस तरह का कदम उठाना पड़ा।
एनसीपी ने शीर्ष अदालत से कहा है कि यदि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं तो इसमें देर क्यों हो रही है। एनसीपी की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने यह दलील रखी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष यदि राजी हैं तो फ्लोर टेस्ट में देर नहीं करनी चाहिए। शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान एनसीपी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चिट्ठी पर विधायकों के हस्ताक्षर धोखा हैं। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में फैसला अब मंगलवार को सुबह 10.30 बजे सुनाया जाएगा।

