मुंबई 1993 धमाके का दोषी 68 वर्षीय जलीस अंसारी लापता हो गया। वह पैरोल पर था। पुलिस ने यह जानकारी दी कि वह गुरुवार (16 जनवरी) को लापता हुआ है। मामले में अधिकारी ने बताया कि अंसारी अग्रीपाडा थाने के अंतर्गत मोमिनपुर का रहने वाला है और उम्र कैद की सजा काट रहा है। वह देश के विभिन्न हिस्सों में हुए कई धमाकों में संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि अंसारी को राजस्थान स्थित अजमेर केंद्रीय कारागार से 21 दिनों के पैरोल पर रिहा किया गया था। बता दें कि शुक्रवार (17 जनवरी) को उसे जेल प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण करना था।
पिता के लापता की रिपोर्ट बेटे ने दर्ज कराईः मामले में अधिकारी ने बताया कि पैरोल की अवधि के दौरान अंसारी को रोजाना सुबह साढ़े दस बजे से 12 बजे के बीच अग्रीपाडा थाने आकर हाजिरी लगाने को कहा गया था। लेकिन वह गुरुवार को निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी बताया कि इसके बाद दोपहर को अंसारी का 35 वर्षीय बेट जैद अंसारी पुलिस थाने पहुंचा और पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
Hindi News Live Hindi Samachar 17 January 2020: पढ़ें आज की बड़ी खबरें
मुंबई पुलिस ने गिरफ्तारी का अभियान शुरु कियाः शिकायत के मुताबिक, जलीस अंसारी तड़के उठा और घरवालों से नमाज पढ़ने की बात कहकर निकला लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। वहीं जैद की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। बता दें कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा और महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते ने उसको पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है।
आतंकवादियों को सिखाता था बम बनानाः गौरतलब है कि जलीस को डॉक्टर बम से भी जाना जाता है। आरोप है कि वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था। उस पर यह भी आरोप है कि वह उन्हें बम बनाना सिखाता था। इसलिए उसे डॉक्टर बम के नाम से जाना जाता था। पुलिस उससे जुड़े सभी सुरागों को तलाश रही है। पुलिस को यह भी शक है कि उसके भागने और मदद करने में कहीं आतंकवादी गिरोह का हाथ तो नहीं है।
