कर्नाटक के कांग्रेस विधायक रमेश कुमार रेप को लेकर विवादित टिप्पणी किए जाने के बाद विवादों में घिर गए हैं। विधानसभा के अंदर जब रमेश कुमार विवादित बयान दे रहे थे तो वहां मौजूद विधानसभा अध्यक्ष व भाजपा नेता विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी हंस रहे थे। इसी को लेकर एक टीवी डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता से सवाल पूछा गया तो उन्होंने द्रौपदी का उदाहरण देना शुरू कर दिया और विधानसभा अध्यक्ष हेगड़े को भीष्म बता दिया।
आजतक न्यूज चैनल पर टीवी डिबेट के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप ने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा से सवाल पूछा कि जब कांग्रेस विधायक विवादित बयान दे रहे थे तो विधानसभा अध्यक्ष हंस रहे थे। इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आपने स्पीकर पर सवाल उठाया। यह ठीक बात है। लेकिन जब दुशासन और दुर्योधन के कहने पर द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था तो स्वाभाविक है कि उस समय पितामह भीष्म पर भी सवाल उठाए गए थे।
आगे संबित पात्रा ने कहा कि द्रोणाचार्य और विदुर भी सवाल उठाए गए थे। हेगड़े साहब का क्लीन ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अचानक जिस प्रकार से कांग्रेस के रमेश कुमार ने घिनौना बयान दिया, मुझे लगता है कि उसपर सोचने और रियेक्ट करने का समय भी स्पीकर को मिला या नहीं वो तो स्पीकर ही बता सकते हैं।
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा में किसानों को लेकर चर्चा किए जाने की मांग की जा रही थी। इसको लेकर विधानसभा में जोरदार हंगामा भी हो रहा था। स्पीकर ने विधायकों को शांत करने की कोशिश की लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। इसपर स्पीकर हेगड़े ने कहा कि अब मैं किसी को भी रोकने या स्थिति को संभालने की कोशिश नहीं करूंगा। आप लोग चर्चा कीजिए। इसपर कांग्रेस विधायक रमेश कुमार ने कहा कि देखिए, एक कहावत है कि जब बलात्कार होना ही है तो लेटो और मज़े लो। आप एकदम इसी हालत में हैं।
रमेश कुमार अपने इस बयान को लेकर विवादों में घिर गए। दूसरी पार्टियों के अलावा कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी रमेश कुमार के इस बयान को लेकर उनकी जमकर आलोचना की। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी रमेश कुमार के इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि ये समझ से परे है कि कोई ऐसा शब्द कैसे बोल सकता है। ये अक्षम्य है।
विवाद बढ़ने के बाद रमेश कुमार ने ट्वीट कर अपने बयान को लेकर माफ़ी भी मांगी। रमेश कुमार ने ट्वीट करते हुए लिखा कि विधानसभा में रेप को लेकर की गई उदासीन और लापरवाह टिप्पणी के लिए सभी से खेद व्यक्त करना चाहता हूं। मेरा इरादा गलत नहीं था और ना ही मेरा उद्देश्य किसी जघन्य अपराध का महिमामंडन करना था बल्कि यह ऑफ द कफ टिप्पणी थी। मैं अब से सावधानी पूर्वक अपने शब्दों का चयन करूंगा।
