बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनलिस्ट पीपुल्स पार्टी (NPP) का दामन थाम लिया। विगत पांच सालों से बीजेपी के साथ जुड़े प्रभाकर ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) के संस्थापक सदस्यों में से थे, जिन्होंने 2014 का विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन इस बार अलग से चुनाव लड़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वह पार्टी द्वारा टिकट वितरण को लेकर नाराज हैं।
न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में प्रभाकर ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह से काफी कुछ सीखा है। लेकिन, झारखंड में बीजेपी को कुछ आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। प्रभाकर रविवार को मेघालय के सीएम कॉनराड के संगमा की अध्यक्षता में एनपीपी में शामिल हुए। उन्हें नाला से उम्मीदवार घोषित किया गया है। 20 दिसंबर को पांचवे चरण में यहां मतदान होने हैं।
शिलॉन्ग की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अगाथा संगमा, मेघालय के गृह मंत्री जेम्स संगमा और एनपीपी झारखंड के प्रमुख राज कुमार पोद्दार भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। एनपीपी को हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी गई थी।
प्रभाकर को पार्टी में शामिल कराने के बाद बोलते हुए कॉनराड संगमा ने अपने पिता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा को याद किया, जिन्होंने 2013 में पार्टी की स्थापना की थी। पीए संगमा की सोच एनपीपी को सिर्फ पूर्वोत्तर ही नहीं बल्कि देश के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंचाने की थी।
इस मौके पर प्रभाकर ने कहा कि उन्हें भाजपा से कोई निजी शिकायत नहीं है, लेकिन झारखंड के भीतर उसे आत्म-अवलोकन की जरूरत है। पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने कहा कि उनकी बदौलत देश सभी मोर्चों पर आगे बढ़ रहा था, लेकिन झारखंड में लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया गया। प्रभाकर ने बताया कि उन्होंने झारखंड राज्य के लिए लड़ाई लड़ी और अब इसके विकास के लिए अपनी जिदंगी झोंक देंगे।

