Jammu Kashmir, Article 370: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में पांच प्रवासी मजदूरों की हत्या की निंदा करते हुए माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य प्रकाश करात ने आरोप लगाया कि ऐसी आतंकवादी घटनाएं अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने के केंद्र के कदम से बनी स्थितियों का नतीजा हैं। जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र संघ की तरफ से आयोजित सभा को संबोधित करने के बाद करात ने यह बात कही।

क्या है मामला: बीते दिनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के पांच मजदूरों की दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी और एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हत्या के बारे में पूछे जाने पर करात ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को इससे पहले राज्य में ऐसी घृणा का शिकार नहीं होना पड़ता था।

क्या बोले माकपा नेता प्रकाश करात: उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह दिखाता है कि मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म करना और सभी नागरिक सुविधाएं एवं लोकतंत्र के दमन के बाद से बहुत खतरनाक स्थिति बन गई है।’’ करात ने कहा, ‘‘यह जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म करने के केंद्र के फैसले का नतीजा है।’’

विदेशी सांसदों पर साधा निशाना: इसके साथ ही करात ने कहा कि यूरोपीय संघ के सांसद जिन्होंने जम्मू-कश्मीर का दौरा, किया वे, ‘‘दक्षिणपंथी’’ थे और हर कोई जानता है कि वे ‘‘इस्लाम विरोधी और यहूदी विरोधी’’ हैं।

एबीवीपी का प्रदर्शन: इस कार्यक्रम के दौरान आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने वाम शासित केरल के पलक्कड में 2017 में दो नाबालिग बहनों के कथित यौन उत्पीड़न और हत्या में तीन आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया। एबीवीपी ने करात और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सीपीआईएमएल की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन और कार्यकर्ता एन्नी राजा समेत अन्य वक्ताओं के खिलाफ नारेबाजी की।  प्रदर्शनकारियों ने केरल सरकार का पुतला भी जलाया।