भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना से अपने जवानों के शवों को लेने की पेशकश की है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में पाकिस्तान बॉर्डर ऐक्शन टीम (BAT) के हमले को नाकाम किए जाने के दौरान ये मारे गए थे।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना से सफेद झंडे दिखाते हुए भारतीय सेना से संपर्क करने और भारतीय सीमा में पड़े उसके जवानों के शवों को अपने कब्जे में लेने को कहा गया है। सेना ने केरन सेक्टर में एलओसी के पास एक फॉरवर्ड पोस्ट पर बीएटी के हमले को नाकाम कर दिया था जिसमें पांच से सात घुसपैठिए मारे गए थे।
बीएटी में आम तौर पर पाकिस्तानी सेना के विशेष बलों के कर्मी और आतंकवादी शामिल होते हैं। सूत्रों ने बताया कि बीएटी की तरफ से हमले की कोशिश 31 जुलाई और एक अगस्त की दरमियानी रात को की गई। उन्होंने बताया कि सेक्टर में भारतीय चौकी से थोड़ी ही दूरी पर संभवत: पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) के कमांडो या आतंकवादियों के चार शव नजर आए हैं।
भारत ने पाक के दावे को नकाराः सेना ने शनिवार को पाकिस्तान के उन आरोपों को ‘‘झूठ और छल’’ करार दिया कि भारतीय सैनिकों ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास नागरिकों को निशाना बनाने के लिए क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया। सेना के जन सूचना अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपीआई) की कड़ी प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आयी है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और वहां के सैन्य प्रवक्ता आसिफ गफूर ने भारतीय सेना पर नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों को निशाना बनाने के लिए क्लस्टर गोला-बारूद के इस्तेमाल का आरोप लगाया था।
केरन सेक्टर में अभियान जारीः भारत ने पाकिस्तान की तरफ से केरन सेक्टर में अभी भी ऑपरेशन जारी रहने के बात कही है। भारतीय सेना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम का उल्लंघन किए जाने की खबरें हैं। मेंढर सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से छोटे हथियारों और मोर्टार के साथ शेलिंग की जा रही है। भारतीय सेना की तरफ से पाकिस्तान के इस कदम का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
सेना के सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए विस्फोटों की तस्वीरें मोर्टार गोलाबारी की थीं, न कि क्लस्टर बमों के विस्फोट की।
