सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंंगलवार को राजधानी नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारत की तत्परता, रणनीतिक स्पष्टता को दर्शाया। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमा पर हालात स्थिर बने हुए हैं, लेकिन सतत निगरानी जरूरी।
हाल में LoC से सटे कुछ इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, “ये 26 जनवरी के पास का वक्त है, इस वक्त पाकिस्तान थोड़ा खौफ में होता है कि कोई कार्रवाई न हो। ये जो ड्रोन हमने देखे हैं, ये बहुत छोटे ड्रोन हैं, ये लाइट ऑन करके आते हैं, ये बहुत हाईट पर नहीं जाते हैं और ये बहुत की कम देखे गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि 10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए, और 11 और 12 जनवरी को 2 से 3 ड्रोन देखे गए। ये डिफेंसिव ड्रोन थे, जो यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि क्या हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है। हो सकता है कि वे यह भी देखना चाहते हों कि भारतीय सेना में कोई कमी या ढिलाई तो नहीं है, कोई ऐसी जगह तो नहीं है जहां से वे आतंकवादियों को भेज सकें। उन्होंने मुंहतोड़ जवाब जरूर मिला होगा।
सेना प्रमुख ने और क्या कहा? जानिए बड़ी बातें
- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है और दुश्मन के किसी भी दुस्साहस से माकूल तरीके से निपटा जाएगा।
- सेना प्रमुख ने कहा कि चीन के साथ LAC पर हालात स्थिर हैं, लेकिन इस पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
- ऑपरेशन सिंदूर के अलग-अलग पहलुओं के बारे में विस्तार से बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि इससे रणनीतिक सोच को फिर से तैयार करने में मदद मिली, क्योंकि भारतीय सेना ने आतंकी ढांचे को खत्म करने और इस्लामाबाद की ‘लंबे समय से चली आ रही परमाणु बयानबाजी’ को धता बताने के लिए अंदर तक हमला किया।
- उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते होंगे, ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है, और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा।”
- जनरल द्विवेदी ने कहा कि तीनों सेनाओं के तालमेल को दिखाने वाला यह अभियान सीमापार आतंकवाद के लिए भारत का सोचा-समझा और मजबूत जवाब था, जो तैयारी, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना ने अपने सैनिकों को इकट्ठा कर लिया था और वह जमीनी हमलों के लिए तैयार थी।
