कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कहना है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश नहीं रहा। राहुल गांधी ने ट्वीट कर ये बात कही। इसके साथ ही राहुल गांधी ने एक विदेशी रिपोर्ट शेयर की। जिसमें दावा किया गया है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र से ‘चुनावी तानाशाही’ की ओर बढ़ रहा है। स्वीडन के वी-डेम इंस्टीट्यूट की पांचवीं वार्षिक लोकतंत्र रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत “दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र” से “चुनावी तानाशाही” की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मानहानि और देशद्रोह कानून का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है।
बता दें कि वी-डेम इंस्टीट्यूट 202 देशों के लिए लगभग 30 मिलियन डेटा बिंदुओं के साथ लोकतंत्र पर सबसे बड़ा डेटासेट बनाने का दावा करता है। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट अमेरिकी वॉचडॉग फ्रीडम हाउस की रिपोर्ट के एक हफ्ते के भीतर आई है। फ्रीडम हाउस की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत “आंशिक रूप से मुक्त” देश है। संस्थान ने ‘फ्रीडम इन द वर्ल्ड’ रिपोर्ट जारी की थी। भारत का स्कोर 2013 में 0.57 था (0-1 के पैमाने पर)। वहीं, 2020 के अंत तक ये गिरकर 0.34 रह गया है।
बीते सालों में 23 प्रतिशत अंक का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘2014 में भाजपा की जीत और उनके हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडे के बाद लोकतंत्र में गिरावट आई है।’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत सेंसरशिप के मामले में अब उतना ही निरंकुश है जितना कि पाकिस्तान है।’
India is no longer a democratic country. pic.twitter.com/iEwmI4ZbRp
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 11, 2021
रिपोर्ट के मुताबिक भारत अपने पड़ोसी बांग्लादेश और नेपाल दोनों से भी बदतर स्थिति में है। भारत में मोदी सरकार ने आलोचकों को चुप कराने के लिए देशद्रोह, मानहानि और आतंकवाद से जुड़े कानून का इस्तेमाल किया है।
उदाहरण के लिए, भाजपा के सत्ता संभालने के बाद 7,000 से अधिक लोगों पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया है और अधिकांश अभियुक्त सत्ता पक्ष के आलोचक रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि UAPA कानून का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने, डराने और कैद करने के लिए किया जा रहा है। साथ ही साथ सरकार की नीतियों का विरोध करने वालों के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

