यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सोमवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ यूरोपीय परिषद के प्रमुख लुइस सैंटोस दा कोस्टा भी मौजूद थे। डेर लेयेन तीन दिन की भारत यात्रा पर हैं। यूरोपीय संघ (ईयू) के दो शीर्ष नेताओं ने मुख्य अतिथि के रूप में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार भाग लिया।
वहीं, इन दोनों नेताओं के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पोस्ट कर भारत और यूरोप के बीच गहरे जुड़ाव का जिक्र किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “हमारे गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मेज़बानी करना भारत के लिए सौभाग्य की बात है। उनकी उपस्थिति भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की बढ़ती ताकत और साझा मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है। यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच विभिन्न क्षेत्रों में गहरे जुड़ाव और सहयोग को और गति देगी।”
वहीं, उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और इसका फायदा हम सभी को होता है। उनका यह बयान भारत और यूरोपीय संघ के बीच मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक व्यापार समझौते से पहले आया है।
एक अन्य पोस्ट में उर्सुला ने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर यूरोपीय संघ, यूरोपीय संघ के सैन्य स्टाफ और उसके समुद्री मिशनों अटलांटा और एस्पाइड्स के झंडों का दिखाया जाना, भारत-यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग का मजबूत संकेत है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग कल सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर के साथ अपने सबसे अहम चरण में पहुंचेगा।
भारत और यूरोपीय आयोग में व्यापार समझौता
भारत और यूरोपीय आयोग शिखर सम्मेलन में लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की घोषणा कर सकते हैं। नई दिल्ली आने से कुछ दिन पहले ही उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बहुत करीब हैं। यह समझौता दो अरब लोगों का साझा बाजार बनाएगा, जो दुनिया की कुल जीडीपी का करीब 25 फीसदी होगा।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा था कि मैं भारत जा रही हूं। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब हैं। कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड’ कह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक के साथ पहले कदम का फायदा देगा।
भारत और यूरोपीय संघ में व्यापार
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। साल 2023-24 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच 135 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का व्यापार हुआ। भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत पहली बार 2007 में शुरू की थी, लेकिन 2013 में यह बातचीत रुक गई। इसके बाद 2022 में दोनों पक्षों ने फिर से इस पर बातचीत शुरू की।
