हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने सरकारी कर्मियों को संघ की शाखाओं में भाग लेने की अनुमति दे दी है। सरकार के नए आदेश के मुताबिक सरकारी कर्मी संघ की गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। कांग्रेस के मीडिया सेल के चेयरमैन रणदीप सुरजेवाला ने तंज कसते हुए कहा है- सरकार चला रहे हैं या बीजेपी-आरएसएस की पाठशाला।

हरियाणा में अप्रैल 1980 से सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर यह फैसला लिया तत्कालीन सरकार ने लिया था। अभी तक हरियाणा में आरएसएस की गतिविधियों में भाग लेने पर सरकारी कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान था। हालांकि 1980 के बाद बीजेपी हरियाणा की सरकारों में बतौर सहयोगी सत्ता में रही, लेकिन प्रतिबंध को को हटाने के लिए कोई खास मुहिम नहीं चलाई गई।

चीफ सेक्रेट्री की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक हरियाणा सरकार के कर्मचारी अब संघ की गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। सरकार ने एक सर्कुलर के जरिये वर्षों पहले लगे प्रतिबंध को वापस ले लिया है। इसमें कहा गया है कि हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम 2016 के नियम संख्या नौ और 10 की ही अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी, जिनके अंतर्गत आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने को प्रतिबंधित नहीं माना गया है।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि संग की शाखा में ही जा रहे है ना , जहां देश भक्ति का पाठ पढ़ाया जाता है। अगर तुम्हारी कोई औलाद हो तो शाखा में 1 महीने भेजना । इंसान की औलाद ना बन जाहे तो मेरे को बोलना। मेरा मेरा चैलेंज है। स्वीकार तुमको चैलेंज। भारत के हैंडल से लिखा गया- कांग्रेस भी अपना सेवा दल शुरू करे कौन रोक रहा है। उसके लिए शिष्ट और देश प्रेम चाहिए।कांग्रेस के पास है वो देशप्रेम?

प्रवीन के हैंडल से सुरजेवाला पर पलटवार करते हुए लिखा गया -क्यों जब राष्ट्रपति भवन में रोजा इफ्तार की दावत उड़ाते थे वो भी टोपी पहनकर तब क्या सरकार चलाते थे या हिन्दुओं को बेइज्जती करते थे।