20 करोड़ से अधिक की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। जहां पिछले साल सितंबर में कोरोना महामारी अपने चरम पर थी हालांकि पहली लहर में यूपी कोविड संकट से बच गया था। लेकिन इस बार यूपी, महाराष्ट्र के बाद दूसरा सबसे प्रभावित राज्य बन गया है। यूपी में जिस तेजी से संक्रमण दूसरी लहर में फैल गया है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगभग तीन हफ्तों में, एक्टिव मामलों में 21 गुना की वृद्धि हुई है।

इसके अलावा, वर्तमान एक्टिव मामले पिछले साल के सितंबर के मुकाबले तीन गुना अधिक हैं, जब महामारी अपने पीक पर थी। विशेष रूप से, पिछले एक लाख एक्टिव मामले केवल पांच दिनों में सामने आए हैं। इस बीच लखनऊ के एक कब्रिस्तान के हाफिज ने बताया कि कोरोना के मरीजों के अंतिम संस्कार के मामले काफी बढ़ गए हैं। कोरोना मरीजों के लिए एक अलग जगह बनाई गई है जहां कि उन्हें दफनाया जाता है। हाफिज ने आंकड़ा बताते हुए कहा कि इस महीने अभी तक 443 लोगों को दफनाया जा चुका है। घरों से जो मरीजों की लाशें आती हैं वे भी हार्ट-अटैक की बात बताते हैं। हाफिज ने रजिस्टर दिखाते हुए कहा कि ज्यादातर हार्ट अटैक की वजह मौत के पीछे बताई जाती है। हाफिज ने बताया कि उनका 39 साल का तजुर्बा कहता है कि आज तक एक साथ इतनी मौतें नहीं हुईं।

बता दें कि बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कोरोना के 33,214 ताजा मामले और 187 मौतें दर्ज की गईं। जो अब तक की सबसे ज्यादा दैनिक वृद्धि है। राज्य में अब मरने वालों की संख्या 10,346 हो गई है, जबकि संक्रमण का आंकड़ा 9,42,511 तक पहुंच गया है।

ताजा मौतों में से राज्य की राजधानी लखनऊ में 21, उसके बाद कानपुर 15, वाराणसी में 12, गोरखपुर में 10, उन्नाव में नौ और गाजियाबाद में आठ दर्ज हुईं।

एक दिन में दर्ज किए गए नए मामलों में, लखनऊ में सबसे अधिक 5,902 संक्रमण दर्ज किए गए, इसके बाद वाराणसी 2,564, इलाहाबाद 1,828, कानपुर 1,811 और मेरठ 1,273 हैं।

इसी अवधि के दौरान, 14,198 COVID-19 रोगियों ने बीमारी से निजात पाई है। राज्य में अब तक कुल 6,89,900 लोग कोरोना को हरा चुके हैं। उत्तर प्रदेश में इस समय कोरोना के 2,42,265 एक्टिव मामले हैं।