दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का धरना रविवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया। किसानों का आंदोलन तेज होने लगा है। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल होने रविवार को राजस्थान से दिल्ली आ रहे किसानों को राजस्थान-हरियाणा सीमा पर हरियाणा पुलिस ने अवरोधक लगाकर रोक दिया। इसके बाद नाराज किसानों ने वहां प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। इसके अलावा हरियाणा के किसान बड़ी संख्या में सिंघू बॉर्डर पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। सोमवार को विभिन्न जगह धरना दे रहे किसान दिन भर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। किसान नेता संदीप गिड्डे ने कहा कि 19 दिसंबर से प्रस्तावित किसानों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रद्द कर दी गई है। इसके बजाय सोमवार को दिनभर की भूख हड़ताल की जाएगी।
राजस्थान से दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों को राजस्थान-हरियाणा सीमा पर अवरोधक लगाकर रोक दिया गया। हरियाणा पुलिस ने जयपुर से दिल्ली और दिल्ली से जयपुर की ओर आने वाले यातायात को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, मेधा पाटकर और माकपा नेता अमराराम भी किसानों के साथ राजस्थान-हरियाणा की सीमा शाहजहांपुर पहुंचे, जहां से पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
राजस्थान हरियाणा सीमा पर योगेंद्र यादव ने कहा, ‘रास्ता बाधित करना हमारी रणनीति नहीं है, हम दिल्ली जाना चाहते है। दिल्ली के तीन दिशाओं उत्तर, पश्चिम ओर पूर्व से किसानों ने आने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोक दिया गया और वो वहीं बैठ गये। अब दक्षिण हरियाणा के और राजस्थान के किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहे है। उन्हें भी रोक दिया गया।’ किसान पंचायत के अध्यक्ष रामपाल चौधरी ने हरियाणा-राजस्थान सीमा राजमार्ग पर किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन किया।
चौधरी ने कहा कि विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसान शाहजहांपुर सीमा पर पहुंचे। वहीं, माकपा नेता अमरा राम ने कहा कि केंद्र को किसान विरोधी कानून वापस लेना चाहिए। पुलिस ने कहा कि जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने पर वाहनों को बानसूर और अलवर के अन्य मार्गों की तरफ मोड़ दिया गया।
दूसरी ओर, किसान रविवार को लगातार 18वें दिन दिल्ली से लगती तमाम सीमाओं पर जमे रहे। किसानों के प्रदर्शन के बीच रविवार को सिंघू बॉर्डर पर तनाव उस समय बढ़ गया, जब प्रदर्शन स्थल पर जगह नहीं होने के कारण कुछ किसानों ने 30-40 मीटर आगे की जगह का घेराव किया, हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर किसानों को रोक दिया है। इस दौरान कुछ किसान जमकर नारेबाजी कर रहे थे। इस बीच, सिंघू बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है और यहां उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 16 दिसंबर तक वहां पांच सौ और ट्रॉलियों के पहुंचने की संभावना है।
उधर, किसान नेताओं ने कहा कि विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे सभी किसान संघों के प्रमुख सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल करेंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने रविवार का यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होने वाली यह भूख हड़ताल 14 दिसंबर से आंदोलन को तेज करने की किसानों की योजना का हिस्सा है। चढूनी ने सिंघू बॉर्डर पर कहा कि नेता अपने-अपने स्थानों पर भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा, देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर धरने भी दिए जाएंगे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा, सरकारी एजंसियां किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोक रही हैं, लेकिन जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जातीं तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, अगर सरकार बातचीत का एक और प्रस्ताव रखती है तो हमारी कमेटी उसपर विचार करेगी। हम सभी से प्रदर्शन के दौरान शांति बरकरार रखने की अपील करते हैं।
कानून मंत्री ने कहा, आंदोलन की आड़ में छिपे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ पर होगी कार्रवाई
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री ने रविशंकर प्रसाद ने कहा कि किसानों के आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पटना की बख्तियार विधानसभा क्षेत्र के टेकबीघा गांव में कृषि कानूनों के समर्थन में भाजपा की बिहार इकाई के ‘किसान चौपाल सम्मेलन’ का रविवार को उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
प्रसाद ने कहा कि वे (कृषि कानून का विरोध करने वाले) कह रहे हैं कि जब तक कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक वे अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे। नरेंद्र मोदी सरकार किसानों का सम्मान करती है लेकिन हम स्पष्ट करना चाहेंगे कि किसानों के आंदोलन का फायदा उठा रहे ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि वे कौन लोग हैं जो देश को तोड़ने की भाषा बोल रहे हैं… अब उन तथाकथित बुद्धिजीवियों को रिहा करने की मांग उठाई जा रही है जो दिल्ली और महाराष्ट्र में दंगे में शामिल होने को लेकर जेल में हैं।’ उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किए हैं, वे अदालत से जमानत हासिल नहीं कर पाए हैं, क्योंकि सुनवाई चल रही है। अब इन लोगों ने अपने फायदे के लिए किसान आंदोलन की आड़ ली है लेकिन हम उन्हें उनके मकसद में कामयाब नहीं होने देंगे।’
इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने भी प्रदर्शनकारी किसानों से उनके मंच का ‘असामाजिक’ तथा ‘वामपंथी एवं माओवादी तत्वों द्वारा दुरुपयोग किए जाने एवं माहौल को बिगाड़ने की साजिश रचने को लेकर चौकन्ना रहने का आह्वान किया था। उन्होंने शुक्रवार को यह बात तब कही थी जब टिकरी बार्डर पर कुछ प्रदर्शनकारियों की हाथों में ऐसे पोस्टर वाली तस्वीरें वायरल हुई थी जिनमें विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की गई थी।
रेलवे तथा खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री पीयूष गोयल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ऐसा जान पड़ता है कि कुछ वामपंथी और माओवादी तत्वों ने आंदोलन को अपने नियंत्रण में ले लिया है और किसान मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय उनका एजेंडा कुछ और ही लगता है। प्रसाद ने कहा कि ये तीनों कृषि कानून किसानों खासकर छोटे और सीमांत कृषकों के फायदे के लिए बनाए गए और उन्हें इस बात का आश्चर्य है कि क्यों ये विपक्षी दल एवं पंजाब के किसान इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं जो किसानों को मंडी व्यवस्था के जाल से मुक्त करेंगे और वे देश में कहीं भी अपनी ऊपज बेच सकेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मेरठ में किसानों के एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ लोग किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर देश की एकता और अखंडता को चुनौती दे रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग किसानों की तरक्की नहीं देख सकते हैं। ये वही लोग हैं जो किसानों को भ्रम में डालकर आंदोलन करवा रहे हैं। किसान आंदोलन के बहाने कुछ लोग उपद्रवियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं, उनकी यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
कृषि मंत्री तोमर ने अमित शाह से मुलाकात की
केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मंत्री सोमप्रकाश ने रविवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मंत्रियों के साथ पंजाब के भाजपा नेता भी थे। तोमर, सोमप्रकाश और पीयूष गोयल ने प्रदर्शनकारी किसानों के साथ वार्ता में सरकार का नेतृत्व किया था। एक अधिकारी ने बताया कि तोमर और सोमप्रकाश ने गृह मंत्री से मुलाकात की।

