अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की बात दोहरायी है। कश्मीर मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि मैं कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता या मदद करने के लिए तैयार हूं। वो (पाकिस्तान) कश्मीर मुद्दे पर काम कर रहे हैं। कश्मीर लंबे समय से बहुत से लोगों की आंख का कांटा रहा है। प्रत्येक कहानी के दो पक्ष होते हैं। हमने आतंकवाद के मुद्दे पर आज विस्तार से चर्चा की।
पाकिस्तान से आतंकवाद को बढावा मिलने के संबंध में पूछे गए सवाल पर डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हमने इस बारे में आज विस्तार से चर्चा की। बेशक यह एक समस्या है। वो (पाकिस्तान) इस पर काम कर रहे हैं। मैंने कहा है कि मैं हरसंभव मदद करूंगा क्योंकि मेरे दोनों देशों के प्रमुखों (पीएम नरेंद्र मोदी और इमरान खान) के साथ अच्छे संबंध हैं।
बता दें कि इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रम्प कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात कह चुके हैं। भारत द्वारा बीते साल अगस्त माह में जम्मू कश्मीर के विशेषाधिकार को समाप्त करते हुए वहां से आर्टिकल 370 के प्रावधान हटा दिए गए थे। इसके बाद पाकिस्तान बुरी तरह से बौखला गया था और उसने जम्मू कश्मीर के मुद्दे को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की भरपूर कोशिश की थी। हालांकि उसे वांछित सफलता नहीं मिली।
इसके बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान अमेरिका गए और उन्होंने ट्रम्प से मुलाकात में भी कश्मीर मुद्दा उठाया। उस वक्त भी डोनाल्ड ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की बात कही थी। हालांकि भारत ने ट्रम्प की इस पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया था और साफ कहा था कि जम्मू कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला है।
संशोधित नागरिकता कानून को लेकर जारी बवाल के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर सोमवार को अहमदाबाद पहुंचे थे, वहां पीएम मोदी ने उसका जोरदार स्वागत किया था। इसके बाद देर शाम वह दिल्ली पहुंचे, जहां मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

