Karnataka Politics: कर्नाटक के डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस चीफ डीके शिवकुमार ने पिछले हफ्ते कर्नाटक विधानसभा में चर्चा के दौरान आरएसएस का एंथम गया था, जिसके चलते उनकी ही पार्टी के लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं। इसको लेकर अब उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर माफी मांगते हैं और इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उनकी निष्ठा गांधी परिवार के प्रति है।
दरअसल, कांग्रेस के साथी नेताओं की आलोचनाओं के चलते डीके शिवकुमार का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि वे किसी को भी ठेस नहीं पहुंचाना चाहते। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसी को ठेस पहुंची है, तो वे इशके लिए माफी मांगते हैं।
‘कुछ लोग कर रहे राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश’
डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता आर अशोक की टांग खींचने के लिए आरएसएस के राष्ट्रगान की पंक्तियां पढ़ीं थीं। उन्होंने कहा कि मेरा इरादा उनकी प्रशंसा करना नहीं था।
डीके शिवकुमार ने कहा कि उनके कुछ मित्र इसका राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं, इसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं और भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
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गांधी परिवार से बताया भक्त और भगवान का रिश्ता
डीके शिवकुमार ने इस दौरान खुद को गांधी परिवार का भक्त तक बता दिया। उन्होंने दावा किया कि माफ़ी मांगने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं था लेकिन उन्होंने कहा कि उनका मकसद पूरे देश में एक संदेश देना था। उन्होंने कहा कि मैं एक कांग्रेसी पैदा हुआ हूँ और एक कांग्रेसी ही मरूंगा… गांधी परिवार के प्रति मेरी वफ़ादारी भक्त और भगवान के बीच के रिश्ते जैसी है। गांधी परिवार मेरे भगवान हैं और मैं उनका भक्त हूं।
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राजन्ना ने उठाए थे डीके शिवकुमार पर सवाल
डीके शिवकुमार ने कहा कि यदि कोई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गान की पंक्तियों के साथ राजनीति करना चाहता है, तो यह उन पर छोड़ दिया गया है। इस बीच पूर्व मंत्री केएन राजन्ना ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि डीके शिवकुमार कुछ भी कर सकते हैं।
बता दें कि राजन्ना ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान ‘वोट चोरी’ मुद्दे के लिए पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को उत्तरदायी ठहराया था। इसको लेकर ही उन्हें कर्नाटक मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के लिए कहा था।
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