Delhi Mayoral Polls: दिल्ली के मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव आज होना था, लेकिन प्रिसाइडिंग ऑफिसर यानी पीठासीन अधिकारी तय न हो पाने के कारण इसे टाल दिया गया है। नगर निगम के सेक्रेटरी ने एक नोटिस जारी कर बताया कि दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1957 के सेक्शन 77(a) के तहत पीठासीन अधिकारी का नॉमिनेशन जरूरी है। इसलिए आज मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव संभव नहीं है।

इसको लेकर एमसीडी मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने शुक्रवार को कहा कि आप सभी को पता था कि आज मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होने थे। इसको लेकर इलेक्शन कमीशन की तरफ से परमिशन भी आ गई थी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार म्युनिसिपल सेक्रेटरी से अधिकारियों के पास फाइल मूव करी गई और यूडी को इलेक्ट्रेट गवर्मेंट से पास करके फाइल एलजी साहब के पास भेज दी गई। उन्होंने कहा कि अब एलजी साहब ने कल जो फाइल में कमेंट लिखा कि अभी वो प्रिसाइडिंग ऑफिसर नियुक्त करने में सक्षम नहीं हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ओपिनियन उनको नहीं मिला और इसीलिए आज जो चुनाव हैं, वो पोस्टपोंड कर दिए गए।

शैली ओबेरॉय ने कहा कि यह थर्ड टर्म है। मैं चाहती हूं कि मेयर दलित समाज का बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है कि वो दलित समाज को ऊपर नहीं उठने देना नहीं चाहती है, क्योंकि इस बार जब मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होता तो हमारे महेश किच्ची जी, जो रिजर्व कैटेगरी से हैं, वो मेयर बनकर आते। जबकि डिप्टी मेयर रविंद्र भारद्वाज जी बनकर आते।

ओबेरॉय ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। अब मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को रोककर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से अपनी तानाशाही दिखाई है।

एमसीडी मेयर ने आगे कहा कि अभी जो ऑर्डर में लिखा कि मेयर और डिप्टी मेयर Continue रहेंगे। उन्होंने कहा कि अभी आचार संहिता है, जाहिर सी बात है कि पिछली बार भी हम कोर्ट गए थे। हमने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस बार भी अगर जरूरत पड़ी तो हम कोर्ट जाएंगे, इसके लिए हम लीगल ओपिनियन लेंगे और अधिकारियों से भी बात करेंगे।

हाउस टैक्स को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में शैली ओबरॉय ने कहा कि हाउस टैक्स की हर साल स्कीम आती थी। इस बार अधिकारियों पर प्रेशर डालकर उस स्कीम को रोका गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता हाउस टैक्स देने को राजी थी। इस स्कीम को रोककर हाउस टैक्स में जो हमारा रेवेन्यू कम हुआ है, वो इसी वजह से हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हर वो साजिश कर रही है, जिससे आम आदमी के काम नगर निगम मे रोके जा सकें।