राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते एक हफ्ते में जिस तेजी से दिल्ली में बढ़े हैं, उसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि बीते एक हफ्ते में ही राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के 16,292 नए मामले सामने आए हैं, जो कि दिल्ली में मिले कुल मामलों का 31 फीसदी है। दिल्ली में अभी कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 53,116 है। यहां अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत इस बीमारी से हो चुकी है।
दिल्ली में अकेले शुक्रवार को ही कोरोना के 3000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। दिल्ली में एक्टिव मरीजों की संख्या 27512 है और यहां होम आइसोलेशन में कुल 10,490 मरीज हैं। दिल्ली में शुक्रवार को एक दिन में 13074 पीसीआर टेस्ट किए गए, जो कि एक दिन में होने वाले सबसे ज्यादा टेस्ट की संख्या है।
दिल्ली से ज्यादा कोरोना संक्रमण के चलते मौतें महाराष्ट्र में ही हुई हैं। हालांकि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ्तार ज्यादा तेज है। बढ़ते मामलों के बीच एलजी अनिल बैजल ने शुक्रवार को होम क्वारंटीन बंद करने का आदेश दिया है और पांच दिन के इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन को अनिवार्य कर दिया है। एलजी के इस फैसले का दिल्ली सरकार द्वारा विरोध किया जा रहा है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी है। दिल्ली सरकार का सवाल है कि इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन मरीजों की देखभाल के लिए मेडिकल स्टाफ कहां से आएगा? दिल्ली सरकार ने ये भी पूछा कि इतने कम समय में हजारों बेड का इंतजाम कैसे हो पाएगा?
इसी बीच उत्तरी दिल्ली नगर निगम की पूर्व उप-महापौर पूर्णिमा विद्यार्थी की कोरोना संक्रमण के चलते मौत होने का मामला सामने आया है। पूर्णिमा विद्यार्थी का दिल्ली के बीएल कपूर अस्पताल में इलाज चल रहा था। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
दिल्ली के स्वास्थय मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। फिलहाल वह मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सत्येंद्र जैन को अभी आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि जैन को प्लाज्मा थेरेपी दी गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य में कुछ बेहतरी देखने को मिली है।

