आरएसएस से जुड़े एक मानहानि केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मुंबई की एक अदालत ने गुरुवार (4 जुलाई, 2019) को अग्रिम जमानत दे दी। उनके खिलाफ संघ के एक कार्यकर्ता ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को संघ और भाजपा की विचारधारा से जोड़ा था। इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई तो राहुल गांधी ने खुद बेकसूर बताया। जिसपर कोर्ट ने उन्हें 15 हजार रुपए के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी।
पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ ने गांधी की जमानत ली। आरएसएस कार्यकर्ता ध्रुतीमान जोशी का आरोप था गौरी लंकेश की हत्या के 24 घंटे के भीतर राहुल ने कहा कि जो लोग संघ और भाजपा की विचारधार के खिलाफ आवाज उठाते हैं उनपर हमले होते हैं, लोगों को जान से मार दिया जाता है। बेंगलुरु में पांच सितंबर 2017 को बाइक सवार हमलावरों ने गौरी लंकेश के घर बाहर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उछला था और विपक्षी दलों ने तब मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की थी। मानहानि केस में सुनवाई के लिए राहुल जब कोर्ट पहुंचे तब कांग्रेस नेता कृपाशंकर सिंह, बाबा सिद्दीकी, मिलिंद देवड़ा संजय निरुपम कोर्ट के अंदर मौजूद थे।
बता दें कि राहुल गांधी पर मानहानि का केस दायर करने वाले जोशी वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी के खिलाफ भी ऐसे मामले दायर कर चुके हैं। जानना चाहिए कि महाराष्ट्र में राहुल के खिलाफ दायर की गई यह दूसरी याचिका है। इससे पहले साल 2014 में एक स्थानीय कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ याचिका दायर की थी। यह मामला अभी भिवंडी कोर्ट में लंबित है।

