चक्रवात ‘दित्वा’ के कारण श्रीलंका में अब तक कम से कम 123 लोगों की मौत हो गई है और 130 लोग गायब हैं। इस चक्रवात ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है और इस वजह से बाढ़ और भूस्खलन के हालात पैदा हो गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि यह चक्रवात रविवार को भारत में दस्तक दे सकता है और थोड़ा और तेज हो सकता है।

आईएमडी ने 29 से 30 नवंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। आईएमडी ने अगले दो दिनों तक तमिलनाडु, दक्षिण आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग ने बहुत ज्यादा बारिश की संभावना के कारण कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और पुडुचेरी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

पीएम मोदी ने जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में हुई तबाही के मद्देनजर संवेदना व्यक्त की है। भारत की ओर से जरूरी खाद्य और राहत सामग्री भेजी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने और अधिक सहायता देने का वादा किया है।

चक्रवात दित्वा को लेकर मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

खराब मौसम की वजह से तमिलनाडु के कई जिलों में कुल 54 उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। एयर इंडिया ने भी इस मामले में एडवाइजरी जारी की है और कहा है कि कुछ उड़ानों पर इसका असर हो सकता है। चक्रवात ‘दित्वा’ के कारण शनिवार को तटीय क्षेत्रों और कावेरी डेल्टा के जिलों में भारी बारिश हुई। सबसे अधिक असर रामनाथपुरम और नागपट्टिनम जिलों पर पड़ा। लगातार बारिश और तेज हवाओं की वजह से रामेश्वरम में दूसरे दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। हालात से निपटने के लिए 28 रिस्पांस टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

एक अफसर ने बताया कि नागपट्टिनम में भारी बारिश के दौरान कई पेड़ गिर गए। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री रामचंद्रन ने कहा कि चक्रवात ‘दित्वा’ को लेकर सरकार युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रामचंद्रन ने कहा, ‘एसडीआरएफ और एनडीआरएफ सहित लगभग 28 डिजास्टर रिस्पांस टीम तैयार हैं। हम अन्य राज्यों से 10 और टीम को हवाई मार्ग से लाने की योजना बना रहे हैं। वायु सेना और तटरक्षक बल को भी सतर्क कर दिया गया है। इसके अलावा, कल जिलों में निगरानी दल भेजे जाएंगे।’

6,000 राहत शिविर बनाए गए

रामचंद्रन ने कहा कि 16 जानवर मारे गए हैं और 24 झुग्गियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल बारिश से कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है लेकिन राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और बचाव एवं राहत कार्यों के लिए कई टीम तैयार हैं।’ सरकार ने लगभग 6,000 राहत शिविर बनाए हैं।

अधिकारियों ने तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी देते हुए लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है। पर्यटकों को भी एहतियात के तौर पर पंबन द्वीप के दक्षिण-पूर्वी सिरे के पास स्थित धनुषकोडी जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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