देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच देखने में आया है कि कोरोना संक्रमण वाले हॉटस्पॉट अब नए जिलों और राज्यों में शिफ्ट हो रहे हैं। हाल के हफ्तों में सोलापुर, थाणे, नासिक, पालघर, सूरत, जलगांव और दक्षिण कन्नड़ आदि जिलों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं और यहां कंटेनमेंट जोन्स की संख्या एक हजार के पार हो गई है।
वहीं दूसरी तरफ प्रति 10 लाख लोगों पर कोरोना के मामले अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, गोवा, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी जैसे राज्यों में बढ़ रहे हैं। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जुलाई तक पुणे, बेंगलुरू, थाणे, मुंबई, चेन्नई और पूर्वी गोदावरी आदि जिले कोरोना संक्रमण के मामले में टॉप पर थे।
एक अधिकारी ने बताया कि तेजी से टेस्टिंग और मरीजों की रिकवरी के कारण एक्टिव मामलों में कमी आनी शुरु हो गई है। लेकिन अब यह माहमारी नए जिलों और इलाकों में फैल रही है, जिसके चलते कोरोना के बढ़ते मामलों वाले इलाकों की फिर से समीक्षा करनी होगी।
अधिकारियों के अनुसार, बिहार, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्वी राज्यों में यदि प्रशासन जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाता है तो अभी यहां संक्रमण बेकाबू होने की प्रबल आशंका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इन राज्यों में केन्द्र के निर्देश के बाद भी टेस्टिंग की संख्या नहीं बढ़ायी गई है और यहां पॉजिटिव रेट भी ज्यादा है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का कहना है कि कोरोना संक्रमण रोकने के प्रयासों के फलस्वरूप देश में प्रति दस लाख लोगों पर अभी भी कोरोना के मामले कम हैं, जबकि भारत में जनसंख्या घनत्व काफी ज्यादा है। बता दें कि महाराष्ट्र के सोलापुर में सबसे ज्यादा कंटेनमेंट जोन्स हैं, जिनकी कुल संख्या 2100 है। इसके बाद थाणे (2000) नासिक (1402) पालघर में (1237) गुजरात के सूरत में 1028 कंटेनमेंट जोन्स पर हैं।
इनके अलावा जलगांव में 1019, दक्षिण कन्नड़ में 1000, कर्टाटक के उडुपी में 850, राजकोट में 748, पुडुचेरी में 746, मेहसाणा में 549, पुणे में 547, धारावाड़ में 534 और कर्नाटक के बीदर में 519 कंटेनमेंट जोन्स की संख्या है।

